सूबे की 10 सीटों पर होने वाले उपचुनाव के लिए एनडीए ने तैयारियां तेज कर दी है। मीरापुर सीट के लिए कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार, राज्यमंत्री सोमेंद्र तोमर और केपी मलिक को जिम्मेदारी दी गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंत्रियों से कहा कि मीरापुर में जीत के लिए रणनीति तैयार करें। उधर, सीट के रालोद के हिस्से में जाने की संभावना भी बढ़ गई है। साल 2022 में सीट पर रालोद के चंदन चौहान ही जीते थे।
बुधवार को लखनऊ में मुख्यमंत्री ने उपचुनाव वाली सीटों के प्रभारी मंत्रियों की बैठक ली। मीरापुर सीट के प्रभारी मंत्री अनिल कुमार के साथ सोमेंद्र तोमर और केपी मलिक भी शामिल हुए। पिछले चुनावों के नतीजे और वर्तमान के समीकरण पर चर्चा की गई। लोकसभा चुनाव के दौरान की स्थितियों पर मंथन किया गया।
मुख्यमंत्री ने मंत्रियों से कहा कि सभी वर्गेां में पहुंचकर सरकार की नीति और कार्येां के विषय में बताएं। संगठन को मजबूत करें। सभी कार्यकर्ताओं को साथ लेकर चलें। मंंत्री अनिल कुमार ने बताया कि अनुसूचित जाति और अति पिछड़ा वर्ग के बीच विपक्ष की ओर से फैलाए गए भ्रम को दूर करने के लिए एनडीए कार्य करेगा। जल्द ही भाजपा-रालोद के प्रमुख पदाधिकारियों की संयुक्त बैठक बुलाई जाएगी। इसमें मीरापुर उपचुनाव के मुख्य मुद्दों और रणनीति पर मंथन किया जाएगा। एनडीए पूरी ताकत से चुनाव लड़ेगा और जीत दर्ज करेगा।
इसलिए मीरापुर में हो रहे उपचुनाव
मीरापुर विधानसभा से विधायक चंदन चौहान रालोद के टिकट पर बिजनौर लोकसभा से सांसद चुने गए हैं। सांसद ने विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया, जिसके चलते मीरापुर सीट खाली हो गई। प्रदेश की कुल 10 सीटों पर उपचुनाव होना हैं, जिनमें मीरापुर भी शामिल है।