बेटे और बेटी के बीच का भेदभाव खत्म हो: मलिक
मुजफ्फरनगर। चौधरी छोटूराम कॉलेज में महिला सुरक्षा व सशक्तीकरण मिशन शक्ति के तहत व्याख्यान का आयोजन हुआ।
प्राचार्य डॉक्टर नरेश मलिक ने कहा कि हमें बेटी और बेटे के बीच का भेदभाव खत्म करना है, जिसके लिए महिलाओं का स्वावलंबी होना अत्यंत आवश्यक है। महिलाओं और छात्राओं को स्वावलंबी बनाने को कौशल विकास का उन्नयन करना होगा। छात्रा अनु, अदिति , वैशाली त्यागी, श्रेया, अनुष्का, अंशिका, पूजा, प्राची, ज्योति, शिवानी आदि ने विचार रखकर सक्रिय भूमिका का निर्वहन किया। एनएसएस के कार्यक्रम अधिकारी डॉक्टर आईडी शर्मा ने स्वावलंबन पर कहा कि कढ़ाई, बुनाई, सिलाई, अचार बनाना, चिप्स बनाना, राखी बनाना, दुर्गा पूजा के लिए मूर्तियां बनाना, चित्रकारी, मोमबत्ती बनाना, फाल व पीको, संगीत, सजावट का सामान तैयार करना आदि को अपना कर अपना सहारा स्वयं बनने का प्रयास किया जा सकता है। इससे उनके कौशल का उन्नयन होगा तथा उनकी आय के साधन भी हमें प्राप्त होंगे, जिससे हमारे परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। कार्यक्रम में डॉक्टर हरिओम शर्मा, काजल दीक्षित, डॉक्टर रीता, डॉ. अभिषेक सिंह, डॉ. जानी आदि का सहयोग रहा।