रामपुर तिराहा कांड : देहरादून के लिए खास
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- अपर जिला जज एवं सत्र न्यायालय संख्या सात में हुई सुनवाई
- अदालत ने बयान के लिए तय की 13 अक्तूबर की तिथि
अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। रामपुर तिराहा कांड की एक पीड़िता की मौत का मामला सामने आया है। सीबीआई ने अदालत में सुनवाई के दौरान बताया कि स्वर्गवास की जानकारी मिली है, लेकिन मृत्यु प्रमाणपत्र प्राप्त नहीं हुआ है। अदालत से प्रमाणपत्र के लिए समय मांगा। अपर जिला एवं सत्र न्यायालय के पीठासीन अधिकारी शक्ति सिंह ने सुनवाई के लिए 13 अक्तूबर की तिथि तय की है।
शासकीय अधिवक्ता फौजदारी राजीव शर्मा, सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी परवेंद्र सिंह, उत्तराखंड़ संघर्ष समिति के अधिवक्ता अनुराग वर्मा और रजनीश चौहान ने बताया कि सरकार बनाम मिलाप सिंह और राधा मोहन की पत्रावलियों की सुनवाई चल रही है। मंगलवार को सीबीआई ने अदालत में बताया कि एक पीड़िता की मौत की जानकारी मिली है, लेकिन अभी तक मृत्यु प्रमाणपत्र प्राप्त नहीं हुआ है। सीबीआई के विशेष लोक अभियोजक धारा सिंह मीणा और महेश यादव ने मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए समय की मांग की, जिस पर सुनवाई के लिए 13 अक्तूबर की तिथि तय की गई है। अदालत में 313 के बयान मुल्जिम अंकित कराए जाएंगे। उधर, राधा मोहन द्विवेदी की पत्रावली में साक्ष्य होंगे।
यह था मामला
एक अक्तूबर, 1994 को अलग राज्य की मांग के लिए देहरादून से बसों में सवार होकर आंदोलनकारी दिल्ली के लिए निकले थे। देर रात रामपुर तिराहा पर पुलिस ने आंदोलनकारियों को रोकने का प्रयास किया। आंदोलनकारी नहीं माने तो पुलिसकर्मियों ने फायरिंग कर दी, जिसमें सात आंदोलनकारियों की मौत हो गई थी। सीबीआई ने मामले की जांच की और पुलिसकर्मियों और अधिकारियों पर मुकदमे दर्ज कराए थे। अदालत में प्रकरण की सुनवाई चल रही है।