रामपुर तिराहा कांड
- अपर जिला जज एवं सत्र न्यायालय संख्या सात कर रहे मामले की सुनवाई
अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। रामपुर तिराहा कांड में सीबीआई ने सेवानिवृत्त पुलिसकर्मी की गवाही कराई। वारदात के समय साक्षी वायरलेस ऑपरेटर के पद पर कार्यरत था। अपर जिला जज एवं सत्र न्यायालय संख्या सात के पीठासीन अधिकारी शक्ति सिंह ने सुनवाई की।
शासकीय अधिवक्ता फौजदारी राजीव शर्मा, सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी परवेंद्र सिंह, उत्तराखंड संघर्ष समिति के अधिवक्ता अनुराग वर्मा और रजनीश चौहान ने बताया सीबीआई ने सरकार बनाम मिलाप सिंह और राधा मोहन की पत्रावलियों साक्षी सेवानिवृत्त पुलिसकर्मी वीर सिंह की गवाही कराई। अगली सुनवाई के लिए अदालत ने 29 अगस्त की तिथि तय कर दी है।
उधर, बचाव पक्ष ने प्रार्थना पत्र दाखिल किया कि सीबीआई ने जब इस मामले की विवेचना की तो फोटो से पीडि़ताओं के सामने आरोपियों की पहचान कराई थी। वह फोटो दिलाए जाएं। बचाव पक्ष के इस प्रार्थना पत्र पर सीबीआई ने आपत्ति दाखिल की। अदालत ने इस प्रार्थना पत्र के निस्तारण के लिए भी 29 अगस्त की तिथि तय की है।
ये था मामला
एक अक्तूबर 1994 को अलग राज्य की मांग के लिए देहरादून से बसों में सवार होकर आंदोलनकारी दिल्ली के लिए निकले थे। देर रात रामपुर तिराहा पर पुलिस ने आंदोलनकारियों को रोकने का प्रयास किया। आंदोलनकारी नहीं माने तो पुलिसकर्मियों ने फायरिंग कर दी, जिसमें सात आंदोलनकारियों की मौत हो गई थी। सीबीआई ने मामले की जांच की और पुलिस पार्टी और अधिकारियों पर मुकदमे दर्ज कराए थे।