मेले में किसानों ने जाना, नई तकनीक से खेती कैसे भरेगी उड़ान
गाय के गोबर बने उत्पादों, शहद के उत्पादों और मोटे अनाज के उत्पादों ने किसानों को किया प्रभावित
रणवीर सैनी
मुजफ्फरनगर। दो दिवसीय पशु एवं कृषि मेला जिले के किसानों को ऊर्जा देने के साथ पशु पालन और खेती में नई राह भी दिखा गया। मेले में लगे 150 स्टॉल में कुछ ऐसे रहे जिन्होंने किसानों को प्रभावित किया। तकनीक से खेती में किस तरह उड़ान भरी जाती है और दुग्ध उत्पादन में किस तरह बढोतरी होती है, यह सब जाना। गाय के गोबर और गोमूत्र के उत्पाद भी देखे।
मेले में हिसार से आए अंकुर और विशाल का जगदेव आर्गेनिक स्टॉल शहद की अलग-अलग वैरायटी से भरा था। बेरी, सरसो, किकर, तुलसी, लिची आदि के फूलों का शहद बिकता देख किसानों ने इसके बारे में काफी उत्सुकता रही। किसानों को बताया गया कि शहद खेती का सह प्रोडक्ट बन सकता है। कुटबा के देवव्रत बालियान के शहद के प्रोडक्ट भी किसानों को रास्ता दिखाते नजर आए।
मोटे अनाज के स्टाल के माध्यम से बताया गया कि गेहूं, चावल के अलावा अन्य अनाजों की खेती से अधिक कमाई की जा सकती है। पशुपालन विभाग के सीमन के स्टॉल पर बताया गया कि कृत्रिम गर्भाधान से हम किस तरह गाय और भैंस की नई नस्ल तैयार कर दुग्ध उत्पादन कई गुना बढ़ा सकते हैं। डेयरियों के स्टॉल के माध्यम से बताया गया कि दूध के हम कितने उत्पाद तैयार कर सकते हैं और किसान इसकी शुरूआत कैसे कर सकता है।
दिल्ली के संचित अग्रवाल और अंजलि मलिक का स्टॉल ऐसा रहा जहां किसान बड़ी दिलचस्पी से जानकारी लेते मिले। यहां गोबर से पौधों का गमला, ईंट, दंत मंजन, फेस पैक, पंच नव्य देखने को मिले। गोमूत्र से 12 और गोबर से दस प्रोडक्ट स्टॉल पर थे।
उत्तराखंड के काशीपुर के श्रीबंशी गोधाम के नीरज चौधरी ने गाय के गोबर से 200 प्रोडक्ट बनाए हैं। केदारनाथ, चरण पादुका, एक्युप्रेशर मेट, प्रतीक चिन्ह, घडियां इनके प्रमुख उत्पाद हैं। इनका कहना है कि कोरोना के बाद से गोबर से उत्पादों की डिमांड बढी है।
तालाबों में सौर ऊर्जा धीवर मित्र के नाम का स्टॉल भी छाप छोड़ता नजर आया। मखानों के बारे में जानकारी देने के लिए एक स्टॉल था। यहां किसानों को जानकारी मिली कि मखाना बिहार के मधुबनी जिले में होता है। इसका प्रोसिजर केवल मछुवा जाति के लोग ही जानते हैं। तालाब में जड़ के रूप में पैदा होने वाले मखाने को तैयार करने के लिए आज तक कोई मशीन ईजाद नहीं हुई। मधुबनी के मुकेश ने बताया पूरी दुनिया में मखाना मधुबनी से ही जाता है। आर्गेनिक ब्यूटी उत्पाद का स्टॉल नोएडा की पूजा कॉल ने लगाया। उसने बताया कि गधी के दूध की साबुन पूरी तरह कैमिकल मुक्त है। अन्य प्रोडक्ट भी केमिकल मुक्त है।