मुजफ्फरनगर। डीएम उमेश मिश्रा ने बताया कि मीरापुर चुनाव के दौरान प्रत्याशी प्रचार अवधि के दौरान कम से कम तीन बार निजी रूप से या अपने निर्वाचन एजेंट के माध्यम से व्यय प्रेक्षक के सम्मुख व्यय लेखा रजिस्टर पेश करेंगे। दो निरीक्षण के बीच कम से कम तीन दिनों के अंतराल का प्रावधान है। प्रत्येक अभ्यर्थी की सुविधा के लिए निरीक्षण का समय सुबह 10 से शाम पांच बजे रखा गया है। चार, आठ और 12 नवंबर को सुबह 10 से शाम पांच बजे तक कोषागार में व्यय का ब्योरा दिया जा सकेगा। यदि अभ्यर्थी या उसका एजेंट अपना व्यय लेखा रजिस्टर निर्धारित तिथि को निरीक्षण के लिए प्रस्तुत नही करता है, तो रिटर्निंग अधिकारी की ओर से नोटिस जारी किया जाएगा। रजिस्टर प्रस्तुत करने में प्रत्याशी असफल होता है तो यह माना जाएगा कि वह लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 77 के अन्तर्गत अपेक्षित दैनिक निर्वाचन व्यय के लेखे रखने में असफल रहा है। ब्यूरो