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तीन महिलाओं की हालात बिगड़ी तो अस्पताल में बंद हुई सिजेरियन डिलीवरी

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संवाद न्यूज एजेंसी
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मुजफ्फरनगर। सीजेरियन डिलीवरी के दौरान तीन महिलाओं की हालत बिगड़ने के बाद से जिला महिला अस्पताल में आपरेशन नहीं हो रहे हैं। महिला और उनके तीमारदार डरे हुए हैं। पिछले दस दिन से एक भी आपरेशन नहीं कराया गया। उपकरणों की जांच सही मिली है, अब आपरेशन में प्रयोग की जानी वाली दवाई और इंजेक्शन की जांच के लिए सैंपलिंग होगी।
महिला अस्पताल में 18 अगस्त को सिजेरियन आपरेशन के दौरान तीन महिलाओं का आक्सीजन लेवल कम हो गया था। तीनों को मेरठ के लिए रेफर कर दिया गया। प्रकरण सामने आते ही अन्य महिलाओं और उनके तीमारदारों ने आपरेशन कराने से मना कर दिया। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक महिला अस्पताल डॉ. आभा आत्रेय का कहना है कि 23 अगस्त तक अस्पताल की ओर से जांच के लिए ओटी बंद की गई थी। इस दौरान उपकरणों की जांच कराई गई, सब सही मिला है। लेकिन इसके बाद से अभी तक आपरेशन नहीं हुए हैं। अस्पताल प्रबंधन की ओर से तीमारदारों को आपरेशन के लिए मना नहीं किया जा रहा है। पहले रोजाना छह से सात आपरेशन होते थे।
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उपकरण सही, फिर हालत क्यों बिगड़ी
मुख्य चिकित्सा अधीक्षिका डॉ. आभा आत्रेय ने बताया कि उन्होंने उपकरणों की भी जांच कराई थी, जिसकी रिपोर्ट 23 अगस्त को नॉर्मल आ गई थी। अब सवाल यह उठता है कि अगर उपकरण सही है तो महिलाओं की हालत किसकी चूक से बिगड़ी।
महिलाओं की रिपोर्ट में आया था अंतर
डॉ. आभा आत्रेय ने कहा कि महिलाओं की जांच रिपोर्ट में अंतर था। इसी वजह से उन्होंने दवाईयों की जांच कराने का भी फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि पहले भी यही दवाई दी जाती थी, लेकिन अब अपनी तसल्ली के लिए दवाई की जांच भी कराई जाएगी। सोमवार को दवाओं की सैंपलिंग होगी।
अब तक 15 महिलाएं हो चुकी रेफर
अस्पताल प्रबंधन की ओर से आपरेशन के लिए मना नहीं किया जा रहा है, लेकिन लोग यहां आपरेशन के लिए तैयार नहीं है। अब तक यहां से 15 महिलाओं को हायर सेंटर के लिए रेफर कराया जा चुका है। ऐसे में यह भी चर्चा है कि साजिशन सीजेरियन डिलीवरी को निजी अस्पताल की तरफ रेफर करने के लिए तो यह पूरा घटनाक्रम साजिशन नहीं किया गया था। क्योंकि अब जिस तरह से लोग सिर्फ नार्मल डिलीवरी ही कराने को तैयार हैं, उससे कहीं न कहीं यह लग रहा है कि अस्पताल के भीतर कोई गैंग मरीजों में डर बैठाकर यहां से रेफर करा रहा है।
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मौत की अफवाह, पुष्टि नहीं
जिला महिला अस्पताल में अफवाह फैल रही है कि आपरेशन के दौरान महिलाओं की मौत हो रही है। इसके बाद से मरीज डरे हुए हैं। नॉर्मल डिलीवरी चल रही है, लेकिन सीजेरियन बंद है। सीएमएस डॉ. आभा आत्रेय का कहना है कि अस्पताल में कोई मौत नहीं हुई है।
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