- केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ संजीव बालियान ने दो योजनाओं का शुभारंभ किया
- किसान सेवा केंद्र लालूखेड़ी 100 गांवों में निशुल्क कृत्रिम गर्भाधान कराएगा
- हरित प्रदेश दुग्ध संघ सात जिलों में केवल बछिया पैदा हो, ऐसा सीमन देगा
संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ संजीव बालियान ने राष्ट्रीय गोकुल मिशन में गाय एवं भैंस नस्ल सुधार के अंतर्गत 36.60 करोड़ की दो योजनाओं का शुभारंभ किया। बछिया का सीमन किसानों को केवल 100 रुपये में देने की घोषणा की। केंद्र सरकार संस्था को पांच साल तक अभियान के लिए 28 करोड़ रुपये देगी। यह योजना पश्चिम के सात जिलों में हरित प्रदेश दुग्ध संघ चलाएगा। राष्ट्रीय डेरी अनुसंधान संस्थान करनाल के सहयोग से जिले के 100 गांवों में उन्नत नस्ल का कृत्रिम गर्भाधान गायों और भैसों को निशुल्क कराया जाएगा। संस्थान को 8.60 करोड़ जारी किया गया है।
नवीन मंडी स्थल पर किसान सम्मेलन में केंद्रीय राज्यमंत्री ने कहा कि जिले के किसान एक साल में गन्ने से साढ़े तीन हजार करोड़ कमा पाते हैं। गुजरात का एक छोटे से जिले बनास के किसान केवल दूध से 14 हजार करोड़ एक साल में कमाते हैं। दुग्ध सहकारी संघ के माध्यम से दो लाख किसान सदस्य है, उनका अपना मेडिकल कॉलेज है, सबका उपचार फ्री होता है। पशुपालक और किसान हरित प्रदेश दुग्ध संघ को मजबूत करें। इस समय सात जिलों इसके 35 हजार सदस्य हैं। पहले साल में ही संघ ने साढे तीन करोड़ का मुनाफा किया। संघ का मुनाफा किसानों को मिलेगा।
हरित प्रदेश दुग्ध संघ सात जिलों में केवल बछिया हो, इसके लिए छह लाख एआई करेगा, जिसमें दो लाख बछिया पैदा होगी। पांच साल तक चलाए जाने वाले अभियान के लिए केंद्र सरकार 28 करोड़ का अनुदान देगा। संघ जिले में 60 सेंटर स्थापित करेगा। जिले के 100 गांवों लालूखेड़ी किसान केंद्र डेयरी संस्थान करनाल के निर्देशन में निशुल्क गर्भाधान का अभियान चलाएगा। इसके लिए संस्थान को 8.60 करोड़ जारी किया गया है।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक पशुपालक का दो लाख का किसान क्रेडिट कार्ड दिया जाएगा। जिला सहकारी बैंक और दुग्ध संघ आपस में समन्वय बनाकर किसानों को दुधारू पशु उपलब्ध कराए और दूध से किश्त का भुगतान काट लें। जिला सहकारी बैंक के चेयरमैन ठाकुर रामनाथ सिंह, जिलाध्यक्ष विजय शुक्ला, सपना कश्यप, चरथावल प्रमुख अक्षय पुंडीर मौजूद रहे।
जिले में 16 प्रतिशत दूध उत्पादन बढ़ेगा
राष्ट्रीय डेरी अनुसंधान संस्थान करनाल के कुलपति डॉ धीर सिंह ने कहा कि वैज्ञानिक पद्धति से जो नस्ल सुधार होगा, उसका 80 प्रतिशत लाभ किसान को होगा। एक प्रतिशत एआई बढ़ने से नौ से 16 प्रतिशत दूध का उत्पादन बढ़ता है। सरकार की नस्ल सुधार की योजना किसानों के आर्थिक विकास की धुरी बनेगी।
हम देंगे दो लाख उन्नत नस्ल की बछिया
हरित प्रदेश दुग्ध उत्पादक संघ के सीईओ हितेश कुमार पूनिया ने कहा कि पश्चिम के सात जिलों मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, मेरठ, बुलंदशहर, हापुड़, बिजनौर, शामली में हम पांच साल में उन्नत नस्ल की दो लाख बछिया देंगे। किसान को केवल 100 रुपये खर्च करने हैं। हम हरे चारे का बीज 20 रुपये किला दे रहे हैं। हमार लक्ष्य पांच हजार बायोगैस प्लांट स्थापित करना है।
गांव की सभी गाय, भैंस होगी शामिल
लालूखेड़ी केंद्र के संचालक डॉ पवन डबास ने कहा कि हमने भौरा खुर्द और बरवाला में गाय भैसों में नस्ल सुधार का अभियान चलाया है, अच्छे परिणाम आ रहे हैं। अब 100 गांवों की सभी गाय भैंसों का नस्ल सुधार होगा।