संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। जिले में माइक्रो फाइलेरिया के लिए नाइट ब्लड सर्वे का कार्य पूरा हो चुका है। अलग-अलग जगहों से पांच हजार से अधिक लोगों की ब्लड स्लाइड बनाई गई। जिनके रक्त से माइक्रो फाइलेरिया की जांच की जाएगी। एक सप्ताह तक चले अभियान में 20 जगहों से रक्त स्लाइड बनाई गई।
अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी दिव्या वर्मा और जिला मलेरिया अधिकारी अलका सिंह के नेतृत्व में माइक्रो फाइलेरिया के लिए नाइट ब्लड सर्वे किया गया। एक सप्ताह तक रात आठ बजे के बाद गांव-गांव जाकर 20 साल से अधिक आयु के लोगों की ब्लड स्लाइड बनाई गई। जिला मलेरिया अधिकारी अलका सिंह ने बताया कि 20 गांवों से कुल 5177 लोगों की रक्त स्लाइड बनाई गई। इनमें सबसे अधिक संख्या खतौली क्षेत्र के गांवों की है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार के 2027 तक माइक्रो फाइलेरिया उन्मूलन के लक्ष्य को लेकर जिले में नाइट ब्लड सर्वे किया गया।
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किस जगह कितनी ब्लड स्लाइड
खतौली
622
पुरकाजी
611
चरथावल
600
बघरा
600
मेघाखेड़ी
600
शाहपुर
600
मोरना
576
जानसठ
549
मुजफ्फरनगर
252
बुढ़ाना
167
योग
5177
इन जगहों पर हुआ नाइट ब्लड सर्वे
जिला मलेरिया अधिकारी अलका सिंह ने बताया कि 20 जगहों पर नाइट ब्लड सर्वे किया गया। इनमें चरथावल देहात, नावला, कुरथल, बघरा, हरिनगर, वहलना, शाहपुर, मोरना, मल्हूपुरा, दधेडू कलां, गालिबपुर, बड़कता, सैदपुर, बसेड़ा, मखियाली, मोहल्ला गंज, काकड़ा, कवाल, चौरावाला, रामपुरी शामिल है।
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क्यूलेक्स मच्छर से होता है फाइलेरिया
जिला मलेरिया अधिकारी अलका सिंह ने बताया कि फाइलेरिया बीमारी क्यूलेक्स मच्छर से होती है। यह मच्छर गंदे पानी में पनपता है। इसके काटने से शरीर में वुचेरेरिया बैनक्रॉफ्टी नाम का परजीवी प्रवेश कर जाता है। फाइलेरिया होने से व्यक्ति के शरीर में खुजली और फीवर की समस्या हो जाती है। इसके अलावा पुरुषों में प्रजनन तंत्र के आसपास दर्द और सूजन की दिक्कत आ सकती है।