ये है रामसर साइट
ईरान के शहर रामसर में दो फरवरी सन 1971 को एक सम्मेलन हुआ। इसमें शामिल राष्ट्रों ने वेटलैंड के संरक्षण से संबंधित एक समझौता हुआ और यह 21 दिसंबर 1975 से प्रभाव में आ गया। रामसर स्थल की परिभाषा के अनुसार वेटलैंड ऐसा स्थान है, जहां वर्ष में कम से कम आठ माह पानी भरा रहता हो और 200 से ज्यादा प्रजातियों के पक्षियों की मौजूदगी रहती हो।
डीएफओ शासन को लिखेंगे पत्र
वन विभाग के रेंजर पीएन कुकरेती का कहना है कि डीएफओ को अवगत करा दिया गया है। जलीय जीवों को समस्या हुई है। शासन को पत्र लिखकर भविष्य में पानी निकालने का समय मार्च महीने तक बढ़ाने की मांग रखी जाएगी। उधर, शनिवार को मेरठ में आयोजित सिंचाई विभाग की बैठक में भी यह मामला रखा गया है।
पर्यटकों के हाथ लग रही मायूसी
विदेशी पक्षियों के वापस चले जाने के कारण यहां पर पहुंच रहे पर्यटकों के हाथ मायूसी लग रही है। बड़ी संख्या में दूर-दराज से लोग विदेशी पक्षियों को देेखने के लिए यहां पहुंचते हैं।