- किसान ने बुढ़ाना के एक बैंक पर लगाया उत्पीड़न करने का आरोप
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अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। भाकियू के धरने के दौरान बैंक के ऋण से परेशान भाकियू कार्यकर्ता ने खुद को आग लगा ली। कार्यकर्ताओं ने उसे बमुश्किल बचाया। पुलिस ने जिला अस्पताल में भर्ती करा उपचार दिलाया। सिटी मजिस्ट्रेट विकास कश्यप ने बताया कि किसान की समस्या को समझकर उसका समाधान कराने का प्रयास किया जा रहा है।
कलक्ट्रेट में भाकियू कार्यकर्ताओं एडीएम प्रशासन नरेंद्र बहादुर सिंह और सिटी मजिस्ट्रेट विकास कश्यप को मांगपत्र सौंप रहे थे। इसी दौरान धरनास्थल के पीछे बरामदे में भाकियू कार्यकर्ता एवं दिल्ली के किसान आंदोलन में शामिल रहे भौराकलां क्षेत्र के जैतपुर गांव निवासी बृजपाल शास्त्री ने अपने ऊपर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगा ली। इससे मौके पर भगदड़ मच गई। भाकियू कार्यकर्ता किसान को लेकर भाकियू अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत और एडीएम प्रशासन नरेंद्र बहादुर सिंह के सामने पहुंचे। किसान ने बताया कि उसे बुढ़ाना के बैंक परेशान कर रहे हैं। उधर, शुरूआत जांच में पता चला है कि किसान बैंक का बड़ा बकाएदार है। प्रशासन ने बताया कि पीड़ित का उपचार कराया जा रहा है। किसान स्वस्थ है। प्रकरण की गहनता से जांच कराई जा रही है।
युवा बोले, हम फांसी लगा लें या जहर खा लें
मुजफ्फरनगर। भाकियू की पंचायत में पहुंचे यूपी पुलिस की परीक्षा देने वाले युवाओं ने कहा कि हालात विकट हैं। बेरोजगारी का संकट है। फांसी लगाने या जहर खाने की नौबत आ गई है। अभ्यर्थी रवि ने पंचायत में भाकियू अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत से सहयोग मांगा।
यह रहे मौजूद
कलक्ट्रेट में पंचायत की अध्यक्षता राष्ट्रीय महासचिव ओमपाल मलिक और संचालन सुमित पचैंडा और देव अहलावत ने किया। जिलाध्यक्ष योगेश शर्मा, मंडल अध्यक्ष नवीन राठी, धीरज लाटियान, सतेंद्र ठाकुर, कपिल सोम, मान सिंह, श्यामपाल चेयरमैन, रणधौल राठी, बूटा सिंह, सरदार अमीर सिंह, मोनू प्रधान, विकास शर्मा, संजीव पंवार, कुलदीप त्यागी, बिजेंद्र बालियान मौजूद रहे।