संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। साइबर अपराध की दुनिया में धोखेबाजों ने रुपए ऐंठने के नए नए हथकंडे इस्तेमाल करने शुरू कर दिए है। व्हाट्सएप और फेसबुक पर फ्रेंड बनाकर चैटिंग के जरिए ब्लैकमेल करने का धंधा बढ गया है। पहले चैटिंग और वीडियो कॉलिंग से बात करने सिलसिला और फिर ब्लैकमेलिंग शुरू। इस तरह के केसों की बाढ़ आ गई है। पीड़ित लोगों की साइबर सेल में लंबी लाइन है। ऑन रिकॉर्ड 2022 में अब तक इस तरह के कुल 70 मामले दर्ज है। जबकि ऐसे सैकड़ों मामले हैं, जो पुलिस तक नहीं पहुंचे।
केस-एक
छात्र से मांगे गए पचास हजार
चरथावल क्षेत्र के बिरालसी निवासी ग्रेजुएट युवक फेसबुक पर चैटिंग का शिकार हुए। कई दिन तक घर भी बात छिपाए रखी। युवक की अजनबी महिला से पहले चैटिंग और बाद में वीडियो कॉलिंग शुरू हुई। इसी बीच महिला के साथ युवक का फोटो चस्पा कर फर्जी न्यूड वीडियो बना डाली। उसे वायरल करने की धमकी दी गई। धमकी देकर 50 हजार की मांग शुरू कर दी। साइबर सेल में शिकायत हुई। रुपये नहीं देने के बाद ठग शांत बैठे।
केस दो
इस तरह फंस गए कारोबारी
चरथावल कस्बे के कारोबारी भी इसी तरह परेशान किए गए। आरोपियों ने अनजान नंबर से व्हाट्सएप पर चैटिंग का सिलसिला चला। बाद में वीडियो कॉल के बाद न्यूड वीडियो बनाकर वायरल करने की धमकी दी गई। पीड़ित से 5 हजार की मांग की गई। एक सीबीआई इंस्पेक्टर और मीडियाकर्मी ने भी मुकदमे की धमकी दे डाली। लेकिन युवक द्वारा सभी नंबर ब्लॉक करने के बाद साइबर से में ऑनलाइन शिकायत दर्ज की। उसके बाद ब्लैकमेलिंग से जान बची।
फोन और मैसेज से ठगने का नया तरीका शुरू
मुजफ्फरनगर। कोषागार के फर्जी नाम से लिपिक बताकर पेंशनर के पास फोन किया जा रहा है। आरोपी पेंशनर से खाते का पासवर्ड पूछकर रकम निकालने का प्रयास करते है। लेखा विभाग के शिव कुमार शर्मा ने अपने स्टेटस के माध्यम से इस तरह के धोखेबाजों से सर्तक रहने का संदेश दिया है।
अधिवक्ताओं से कहा कनेक्शन काट दिया गया
कई वकीलों के फोन पर विद्युत विभाग से फोन पर मेसेज आ रहे कि आपका कनेक्शन काट दिया गया है। चूंकि आपका खाता अपडेट नहीं है। फर्जी नंबर डालकर बात करने को बोला जाता है। परिचय पूछने पर सामने वाला गोल हो जाता है और मोबाइल नंबर बंद हो जाता है।
खुदकुशी करने जा रहा था युवा
ब्लैकमेल से परेशान होकर शहर का ही एक युवा तो इतना तनावग्रस्त हो गया कि उसने मौत को गले लगाने की ठान ली थी, क्योंकि वीडियो वायरल ना करने के बदले उससे 35 हजार रुपये की मांग की जा रही थी। हालांकि ऐन वक्त पर परिजनों और दोस्तों ने उसे संभाल लिया। अधिकांश ऐसे मामले बदनामी के डर से सामने नहीं आता हैं।
इस तरह बनाती है शिकार
साइबर सेल के इंस्पेक्टर प्रवीण कुमार ने बताया कि साइबर क्रिमिनल द्वारा हायर की गई लड़कियां फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार होने के बाद पहले मेसेंजर पर हाय-हैलो का मेसेज करती है। कुछ देर चैटिंग करने के बाद लड़की अपने मकसद पर आ जाती है। ऑनलाइन सेक्स, वीडियो कॉल जैसे ऑफर दिए जाते है। कुछ लोग लालच कर उनकी बातों में फंस जाते है। यही भूल कुछ ही घंटों में उनके लिए आफत लेकर आती है।
इन बातों का रखें ध्यान
साइबर सेल के इंस्पेक्टर प्रवीण कुमार ने कहा कि इस तरह के कॉल को इग्नोर करें। किसी भी तरह की बातों में आकर लालच में वीडियो कॉल ना करें। खुद पर काबू रखने की आवश्यकता है। ब्लैकमेल करने के दौरान किसी भी तरह का गलत कदम ना उठाएं। वीडियो कॉल करने से पहले यह बात जरूर सोच लें कि यह एक अपराधियों का गैंग भी हो सकता है।
फंस जाए तो यहां करें कॉल
साइबर सैल टीम का कहना है कि इस तरह के मामले होते ही सबसे पहले जितनी जल्दी हो सकें 1934 पर कॉल करें। उधर से मांगी गई सभी फॉरमेलिटी को पूरा कर लें। साथ ही साइबर सेल में तत्काल इसकी शिकायत दर्ज कराएं।