मुजफ्फरनगर। यातायात नियमों के उल्लंघन और तेज गति से वाहन दौड़ाने से तो हादसे हो रहे है। मगर, कई बार कट पर भी हादसे होते हैं। मेरठ-करना हाईवे पर बुढ़ाना के पास कट पर हुए हादसे में एक परिवार के दो सदस्यों की जान चली गई थी। इसके अलावा कई बार सड़क के गड्ढे भी जानलेवा साबित हो रहे हैं। अप्रैल माह में छपार में बाइक का पहिया सड़क में बने गहरे गड्ढे में गिरने पर बाइक पर बैठी महिला पुरकाजी निवासी कुसुम की उछलकर गिरने से मौत हो गई थी। जल्दी पहुंचने की दौड़ में हाईवे पर गांवों के बाहर बने कट भी जिंदगी लील रहे है। ऐसे हादसों में एक दर्जन से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।
इस तरह हुए हादसे
12 दिसंबर : खतौली में भैंसी कट पर डीसीएम की टक्कर से बुग्गी सवार किसान की मौत।
- 16 दिसंबर : नई मंडी कोतवाली क्षेत्र में भोपा बाईपास पर बाइक सवार की मौत।
दो जनवरी : सूजडू बाईपास कट पर बस और ट्रक में टक्कर। बस चालक की मौत।
16 जनवरी : मीरापुर में बिजनौर बाईपास पर पेट्रोल पंप के पास बाइक सवार महिला की मौत, पति व पोता घायल।
12 अप्रैल : सूजडू कट पर गुरुग्राम निवासी युवक की कार डिवाइडर से टकरा कर खाई में पलटी, चार युवकों की मौत, दो घायल।
18 अप्रैल : छपार में सिसौना कट पार कर रहे संजू की अज्ञात वाहन की टक्कर से मौत।
हादसे वाले मुख्य क्षेत्र
मीरापुर-बिजनौर बाईपास, मोंटी तिराहा, मीरापुर नहर पुलिया।
शहर कोतवाली में गांव पीनना तिराहा।
शहर कोतवाली में बुढाना चौराहा, सूजडू कट।
नई मंडी कोतवाली में दिल्ली देहरादून हाईवे पर गांव रथेडी कट।
दिल्ली देहरादून हाईवे पर थाना छपार क्षेत्र में रामपुर तिराहा कट।
नई मंडी कोतवाली में दिल्ली देहरादून हाईवे पर गांव पचैंडा बाईपास।
नई मंडी कोतवाली में दिल्ली देहरादून हाईवे पर गांव पचैंडा बाईपास व गांव बिलासपुर कट।
खतौली में गांव भैंसी कट व सठेडी नहर पुल।
दिल्ली-मेरठ हाईवे पर खतौली से आगे भंगेला।
दिल्ली-मेरठ हाईवे पर मंसूरपुर का गांव संधावली व बेगराजपुर।
परवान नहीं चढ़ रहे जागरूकता अभियान
पुलिस हो या फिर परिवहन विभाग। सभी जागरूकता अभियान चलाते है। उस समय तो सभी याद रखते है लेकिन बाद में वह खुद भूल जाते है। यहां तक कि अभियान में प्रशिक्षण लेने वाले वाहन चालक ही अभियान को पलीता लगाते मिलते है।
हाईवे पर वाहनों को निर्धारित गति से चलाना चाहिए। गांवों के बाहर बने कट के पास हार्न बजाकर चलें। - विनीत जायसवाल, एसएसपी।