मुजफ्फरनगर के रामपुरी में बद्रीनाथ धाम से आए बर्फानी बाबा का स्वागत करते श्रद्वालु।
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बर्फानी बाबा का भक्तों ने किया स्वागत, आशीर्वाद लिया
मुजफ्फरनगर। बर्फानी बाबा के नाम से विख्यात अमृतानंद गिरि महाराज का यहां भक्तों ने स्वागत किया। साथ ही भक्तों ने बर्फानी बाबा ,से आशीर्वाद लिया।
बद्रीनाथ मंदिर के पश्चिम भाग में नीलकंठ पर्वत की तलहटी पर बर्फानी बाबा के नाम से प्रसिद्ध अमृतानंदगिरि महाराज बर्फ के ऊपर बैठकर साधना में लीन रहे, जहां उन्होंने लगातार 12 वर्ष घोर तपस्या की। वो वहां दिनभर में केवल एक बार भोजन ग्रहण करते थे। उनके शिष्य बताते हैं कि अमृतानंद जी कोलकाता में मेकेनिकल इंजीनियर थे। वर्ष 2002 में उनकी माता का निधन हो गया था। एक वर्ष बाद वर्ष 2003 में उनके पिता का भी देहांत हो गया था। उन्होंने अन्य भाई-बहिनों का परित्याग कर अपने गुरु शिवनाथ गिरि जी के साथ बद्रीकाश्रम जाने का निर्णय लिया। तब से वे वहां श्री बद्रीनाथ धाम में जहां चारों ओर बर्फ और कड़ाके की ठंड एवं शून्य से भी काफ़ी नीचे के तापमान में साधना में लीन रहे। वर्ष 2004 में वे अपने गुरु महाराज शिवनाथ गिरि जी के साथ बद्रीकाश्रम पहुंचे थे। उन्हें यह एकांत स्थान इतना भाया कि उन्होंने अपना पूरा जीवन धाम में बिताने एवं वही साधना करने का संकल्प लिया। हाल ही में भक्तों के आग्रह पर वे बद्रीनाथ से हरिद्वार आकर रुके हुए थे। इसी बीच उनके भक्त और शहर के समाजसेवी मनीष चौधरी के आग्रह पर वेे भक्तों को आशीर्वाद देने के लिए शहर में आए। वो नई मंडी में सभासद विकल्प जैन के आवास पर ठहरे हैं। शनिवार को रामपुरी में समाजसेवी मनीष चौधरी के आवास पर पहुंचे बर्फानी बाबा का माल्यार्पण कर स्वागत किया। भक्तों ने बाबाजी का आशीर्वाद ग्रहण किया।