आयुष्मान योजना से दूर होते प्राइवेट अस्पताल
मुजफ्फरनगर। केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत योजना में ज्यादा से ज्यादा निजी अस्पतालों को शामिल करने का दावा पूरा नहीं हो सका। एक साल बाद भी जनपद में मात्र 12 ही प्राइवेट अस्पताल इस योजना से संबद्ध हो पाए हैं। दरअसल, योजना में शामिल होने के लिए मानक पूरे नहीं होने और कागजी कार्रवाई की परेशानी से बचने के लिए निजी अस्पताल योजना से दूरी बना रहे हैं। साथ ही यह भी आशंका रहती है कि मरीज के उपचार में जो पैसा खर्च हुआ वह समय पर मिल भी पाएगा या नहीं।
आयुष्मान भारत योजना के तहत जनपद में 18 अस्पताल चयनित हैं। इनमें छह सरकारी तथा 12 प्राइवेट हॉस्पिटल हैं। एक साल से चल रही कवायद के बावजूद निजी अस्पतालों की संबद्धता का आंकड़ा नहीं बढ़ा है। अस्पतालों की संख्या नहीं बढ़ने से लाभार्थियों पर भी असर पड़ रहा है। अब तक जनपद में केवल 946 मरीजों का ही उपचार इस योजना में हुआ है। सरकारी अस्पतालों में तो पहले से ही नि:शुल्क उपचार की सुविधा रहती है। प्राइवेट अस्पतालों की संख्या यदि बढ़े तो इस योजना का लाभ लेने वालों की संख्या में भी इजाफा होगा।
अस्पताल संचालकों में योजना को लेकर आशंकाएं
मुजफ्फरनगर। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन मुजफ्फरनगर (आईएमए) के अध्यक्ष डा. यूसी गौड़ बताते हैं कि आयुष्मान भारत योजना को लेकर निजी अस्पताल संचालकों में कई आशंकाएं हैं। योजना में कागजी कार्रवाई बहुत है। इसके लिए अलग से स्टॉफ की जरूरत होती है। बड़े अस्पतालों में तो ठीक है, लेकिन छोटे अस्पतालों के लिए यह अतिरिक्त खर्च है। वह कहते हैं कि बीमा कंपनी मरीज के डिस्चार्ज होने के कई दिनों बाद तक क्लेम पर तरह-तरह की आपत्तियां लगाती है। इससे भुगतान में देरी होती है। कुछ बीमारियों के पैकेज भी कम हैं। मसलन सिजेरियन डिलीवरी का लगभग नौ हजार रुपये का पैकेज है, जबकि इस पर खर्च बहुत ज्यादा आता है। चिकित्सकों में यह भी आशंका रहती है कि मरीज के उपचार पर जो पैसा वह खर्च करेंगे, उन्हें समय से वापस भी मिलेगा या नहीं।
ये अस्पताल हैं योजना में शामिल
- लूथरा आई हॉस्पिटल।
- शांति मदन हॉस्पिटल।
- रतन सिंह हॉस्पिटल।
- तनेजा हास्पिटल।
- गंगाराम हॉस्पिटल।
- आईक्यू हॉस्पिटल।
- हार्ट एंड इमरजेंसी सेंटर।
- केयर पार्टनर हॉस्पिटल खतौली।
- मुजफ्फरनगर मेडिकल कॉलेज बेगराजपुर।
- किसान हॉस्पिटल।
- कुशवाहा आई हॉस्पिटल।
- निर्वाल हॉस्पिटल।
इन्होंने कहा...
योजना में शामिल होने के लिए अस्पताल ऑनलाइन आवेदन करते हैं। अपने यहां वे जो सुविधाएं दर्शाते हैं उनका सत्यापन कर लिया जाता है। यदि सुविधाएं पर्याप्त हैं तो अस्पताल को योजना में शामिल कर लिया जाता है। योजना में शामिल होने के लिए अलग से कोई मानक नहीं है।
- डा. आकाश त्यागी, कोऑर्डिनेटर, आयुष्मान भारत।