हमलावर को दस साल की कैद
मुजफ्फरनगर। घर में घुसकर हमले के मामले में अभियुक्त प्रदीप को दस वर्ष का कारावास व जुर्माने की सजा सुनाई गई है। अदालत ने चार आरोपियों को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया है। भोपा थाने पर गांव सिकंदरपुर निवासी अजमेर सिंह ने 22 जुलाई 2014 को यह मुकदमा दर्ज कराया था। बताया था कि उसका उसके भाई जय सिंह के साथ जमीन विवाद चल रहा है। घटना के दिन जय सिंह, प्रवीण, जोनी, रोबिन और प्रदीप पुत्र कालू ने उनके घर में घुस कर मारपीट की और प्रदीप ने उसके पुत्र अशोक को गोली मार कर घायल कर दिया। इस मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेश भारद्वाज की अदालत संख्या-11 में हुई। एडीजीसी कमल कुमार ने नौ लोग गवाह पेश किए। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनते हुए अभियुक्त प्रदीप को अशोक पर कातिलाना हमला करने का दोषी करार देते हुए धारा 307 के तहत दस वर्ष का कारावास और दस हजार रुपये का जुर्माना, धारा 452 के तहत दो वर्ष का कारावास व एक हजार रुपये का जुर्माना, 25/27 आर्म्स एक्ट में दो वर्ष का कारावास व एक हजार रुपये के जुर्माना की सजा सुनाई है। जुर्माना की रकम से 10 हजार रुपया घायल अशोक को देने के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में बाकी चार आरोपियों को बरी कर दिया।