सहारनपुर। मानदेय और राज्यकर्मी का दर्जा देने समेत विभिन्न मांगों को लेकर आशा कार्यकर्ताओं का आंदोलन बुधवार को सातवें दिन भी जारी रहा। संयुक्त आशा संगठन के नेतृत्व में आशा कार्यकर्ताओं ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन किया। एक सप्ताह से जारी कार्य बहिष्कार के कारण स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने लगी हैं। आशा कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उनका कहना है कि लंबे समय से मांगें उठाने के बावजूद शासन की ओर से कोई संतोषजनक आश्वासन नहीं मिला है। संयुक्त आशा संगठन के संयोजक संजय वालिया ने कहा कि आशा कार्यकर्ता स्वास्थ्य सेवाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। गर्भवती महिलाओं की देखभाल से लेकर विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों में जिम्मेदारी निभाने के बावजूद उन्हें काम के अनुरूप मानदेय नहीं मिल रहा है। इस दौरान जिलाध्यक्ष कमलेश सैनी, ललतेश, मिथलेश, नेहा, पूनम, सुदेश, रविता, मोनिका, पिंकी, काजल, प्रीति, मौसम, गीता, रचना, उर्मिला आदि रही। संवाद