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फरमानी ने फरमाया : कलाकार का कोई धर्म नहीं होता, भक्तिगीतों पर आपत्ति से कोई परवाह नहीं

Mon, 01 Aug 2022 01:31 AM IST
मेरठ ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, मुजफ्फरनगर

सार

फरमानी नाज ने मीडिया के सामने कहा कि कलाकार का कोई धर्म नहीं होता है। वह कव्वाली गाती हैं, तो भक्ति गीत भी पसंद करती हैं। कहना है कि कट्टरपंथियों के साथ उलमा के खफा होने को वह तव्वजों नहीं देती हैं।
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मुजफ्फरनगर ::::::::::: परिवार के सदस्यों के साथ फरमानी नाज। - फोटो : MUZAFFARNAGAR
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विस्तार
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इंडियन आइडियल फेम फरमानी नाज (farmani naaz) शिव भक्ति गीत को लेकर विवाद के घेरे में हैं। फरमानी नाज ने मीडिया के सामने कहा कि कलाकार का कोई धर्म नहीं होता है। वह कव्वाली गाती हैं, तो भक्ति गीत भी पसंद करती हैं। कहना है कि कट्टरपंथियों के साथ उलमा के खफा होने को वह तव्वजों नहीं देती हैं।

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गांव मोहम्मदपुर माफी निवासी इंडियन आइडियल फेम और यू-ट्यूब गायिका फरमानी नाज रविवार रात खतौली क्षेत्र में याद-ए-रफी नाइट के कार्यक्रम में पहुंचीं। इस दौरान पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा कि उसके भक्तिगीत पर आपत्ति करने वालों से काई फर्क नहीं पड़ता है। कलाकार का कोई धर्म नहीं होता है, वह सबके लिए गाता है। इंटरनेट मीडिया पर अलग-अलग समुदाय के अपने पेज भी बनाए हैं। कलाकार हिंदू-मुस्लिम देखकर अपनी कला का प्रदर्शन नहीं करता है। जो ऐसा करता है, वह कलाकार नहीं बन सकता।

फरमानी ने कहा कि वह कव्वाली गाती हैं, तो भक्ति गीत के साथ भजन को भी पसंद करती हैं, हमने आर्थिक तंगी झेली हैं। उनका अपने पति से विवाद चल रहा है, जिस कारण वह अपने पिता के घर गांव में ही रही है। अपने भाई फरमान और राहुल बच्चन के साथ मिलकर यू-ट्यूब पर गीत बनाती है। गीतों को अपलोड किए तो ख्याति मिलना शुरू हो गई। उसका कहना है कि कट्टरपंथियों के साथ उलमा के खफा होने को वह तव्वजों नहीं देती हैं।

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