फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Anil Dujana Encounter: ...जब कुख्यात दुजाना ने दो भाइयों की हत्या कर फैलाई थी दहशत, जेल में बनाया था गैंग

Thu, 04 May 2023 11:22 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर

सार

Anil Dujana Encounter : रंगदारी नहीं देने पर कुख्यात अनिल दुजाना ने छपार में दो भाइयों की हत्या कर दहशत फैलाई थी। इसके अलावा उसने जेल में गैंग बनाया था।
विज्ञापन
मृतक अनिल दुजाना कुख्यात - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मुजफ्फरनगर में कुख्यात अनिल दुजाना ने रंगदारी नहीं देने पर छपार में दो खाद व्यापारी भाइयों की हत्या कर दहशत फैला दी थी। जिला कारागार में विक्की त्यागी से दुश्मनी रही। जेल में दुजाना ने पश्चिम यूपी के बदमाशों को अपने साथ मिलाकर गैंग बनाया और आसपास के जिलों में आपराधिक वारदातों को अंजाम दिया। बागपत जेल में मारे गए मुन्ना बजरंगी से नजदीकियों के चलते ही दुजाना ने रेलवे की ठेकेदारी में भी अपने हाथ बढ़ाने शुरू कर दिए थे।

विज्ञापन


छपार के रोबिन त्यागी और अमन उर्फ माया त्यागी के साथ नजदीकियों के चलते कुख्यात अनिल दुजाना की छपार थाना क्षेत्र में सक्रियता बढ़ी। खाद व्यापारी संजीव त्यागी का प्रधान पद के चुनाव को लेकर रोबिन त्यागी पक्ष से मनमुटाव हुआ। इसके बाद संजीव त्यागी को दस लाख की रंगदारी की चिट्ठी भेजी गई। रंगदारी नहीं मिली तो अनिल दुजाना ने गैंग ने आठ जनवरी 2012 को दिन निकलते ही छपार में दुकान खोल रहे खाद व्यापारी संजीव त्यागी की गोलियां बरसाकर हत्या कर दी थी। आरोपी अमित और अनिल दुजाना को इसी दिन शाम को ही पुलिस ने मुठभेड़ में आधुनिक हथियारों के साथ गिरफ्तार किया था।

व्यापारी संजीव त्यागी की हत्या के मुकदमे में गवाह उसके भाई राजीव त्यागी की 18 अक्तूबर 2013 को पुलिस अभिरक्षा में सुबह के समय दुकान खोलते हुए गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस दौरान दुजाना गैंग का सुशील जाट पुलिस की गोली लगने से मारा गया था। जिस समय संजीव त्यागी की हत्या की थी, उस समय अनिल दुजाना पर 50 हजार का इनाम था। छपार में अनिल दुजाना पर सात मुकदमे दर्ज किए गए थे।

विज्ञापन

अत्याधुनिक हथियारों से किया था हमला
दुजाना गिरोह ने अत्याधुनिक हथियारों से खाद व्यापारी पर हमला किया था। पीड़ित पक्ष के घर पर पांच सिपाही और डेढ़ सेक्शन पीएसी तैनात थी। इसके बावजूद भी गिरोह के सदस्यों ने व्यापारियों के घर दो बार फायरिंग की थी।

मुजफ्फरनगर जेल में इस तरह बनाया था गैंग
कुख्यात अनिल दुजाना ने जिला कारागार में परीक्षितगढ़ के कर्नल गिरी, किनौनी के नीरज, अलीपुर के मोनू गुर्जर को मिला लिया था। इससे मेरठ और मुजफ्फरनगर में भी वह वारदात अंजाम देने लगा था।

यह भी पढ़ें: Encounter: दुजाना एनकाउंटर के पीछे का सच, आखिर कब से रडार पर था कुख्यात, तिहाड़ जेल से बाहर आते ही दी थी धमकी
विज्ञापन

वर्चस्व को लेकर विक्की से हो गई थी अदावत
जिला कारागार में वर्चस्व को लेकर विक्की त्यागी की अनिल दुजाना से अदावत हो गई थी। यही वजह है कि विक्की त्यागी ने मंसूरपुर में दुजाना गैंग के रोबिन त्यागी पर पुलिस सुरक्षा में हमला कराया था। इस हमले में सिपाही मारा गया था।

यह भी पढ़ें: अनिल दुजाना का अंत: कौन था जिसके नाम से कांपते थे लोग, खौफ का हुआ खात्मा; सहमा देगी 21 साल के अपराध की कहानी

अदालत में हाजिर होना चाहता था दुजाना
छपार के खाद व्यापारी राजीव त्यागी की हत्या का मामला अदालत में विचाराधीन है। पिछले महीने ही अनिल दुजाना ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से अदालत में प्रार्थना पत्र देकर अयोध्या जेल से अदालत में व्यक्तिगत हाजिरी लगवाने के लिए प्रार्थना पत्र दिया था। सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी परविंद्र सिंह ने बताया कि अनिल दुजाना और जोगेंद्र जुगाला ने अदालत में प्रार्थना पत्र दिया था, जिसे अदालत ने निरस्त कर दिया था। अभियोजन पक्ष ने पुलिस अधीक्षक नगर की आख्या के माध्यम से अदालत में बताया था कि आरोपियों की पेशी के लिए एक सीओ, दो निरीक्षक, चार उपनिरीक्षक, आठ मुख्य आरक्षी, बीस आरक्षी और छह महिला आरक्षी की आवश्यकता है। निकाय चुनाव के कारण पुलिस ने इतनी सुरक्षा व्यवस्था होने से इन्कार किया था। इसके बाद वीडियो कांफ्रेंसिंग से ही उसकी पेशी हो रही थी।

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें