अत्याधुनिक हथियारों से किया था हमला
दुजाना गिरोह ने अत्याधुनिक हथियारों से खाद व्यापारी पर हमला किया था। पीड़ित पक्ष के घर पर पांच सिपाही और डेढ़ सेक्शन पीएसी तैनात थी। इसके बावजूद भी गिरोह के सदस्यों ने व्यापारियों के घर दो बार फायरिंग की थी।
मुजफ्फरनगर जेल में इस तरह बनाया था गैंग
कुख्यात अनिल दुजाना ने जिला कारागार में परीक्षितगढ़ के कर्नल गिरी, किनौनी के नीरज, अलीपुर के मोनू गुर्जर को मिला लिया था। इससे मेरठ और मुजफ्फरनगर में भी वह वारदात अंजाम देने लगा था।
यह भी पढ़ें: Encounter: दुजाना एनकाउंटर के पीछे का सच, आखिर कब से रडार पर था कुख्यात, तिहाड़ जेल से बाहर आते ही दी थी धमकी
वर्चस्व को लेकर विक्की से हो गई थी अदावत
जिला कारागार में वर्चस्व को लेकर विक्की त्यागी की अनिल दुजाना से अदावत हो गई थी। यही वजह है कि विक्की त्यागी ने मंसूरपुर में दुजाना गैंग के रोबिन त्यागी पर पुलिस सुरक्षा में हमला कराया था। इस हमले में सिपाही मारा गया था।
यह भी पढ़ें: अनिल दुजाना का अंत: कौन था जिसके नाम से कांपते थे लोग, खौफ का हुआ खात्मा; सहमा देगी 21 साल के अपराध की कहानी
अदालत में हाजिर होना चाहता था दुजाना
छपार के खाद व्यापारी राजीव त्यागी की हत्या का मामला अदालत में विचाराधीन है। पिछले महीने ही अनिल दुजाना ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से अदालत में प्रार्थना पत्र देकर अयोध्या जेल से अदालत में व्यक्तिगत हाजिरी लगवाने के लिए प्रार्थना पत्र दिया था। सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी परविंद्र सिंह ने बताया कि अनिल दुजाना और जोगेंद्र जुगाला ने अदालत में प्रार्थना पत्र दिया था, जिसे अदालत ने निरस्त कर दिया था। अभियोजन पक्ष ने पुलिस अधीक्षक नगर की आख्या के माध्यम से अदालत में बताया था कि आरोपियों की पेशी के लिए एक सीओ, दो निरीक्षक, चार उपनिरीक्षक, आठ मुख्य आरक्षी, बीस आरक्षी और छह महिला आरक्षी की आवश्यकता है। निकाय चुनाव के कारण पुलिस ने इतनी सुरक्षा व्यवस्था होने से इन्कार किया था। इसके बाद वीडियो कांफ्रेंसिंग से ही उसकी पेशी हो रही थी।