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हादसे के बाद गुस्साए भैसी के ग्रामीणों ने अधिशासी अभियंता को गड्ढ़ों में घुमाया

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तौली के गांव भैसी में सड़क पर हुए गडढों में भरे पानी के बीच पीडब्लूडी के ईएक्सएन को लेकर खड़े ग्रा? - फोटो : MUZAFFARNAGAR
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- जीटी रोड जाम किया तो देर गड्ढ़े भरने के लिए पहुंच गई लोक निर्माण विभाग की टीम
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- देर रात तक जारी है गड्ढे भरने का कार्य, ग्रामीणों की एकजुटता आई काम
संवाद न्यूज एजेंसी
खतौली (मुजफ्फरनगर)। जीटी रोड पर भैसी में बने गड्ढों के कारण यात्री बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई। गुस्साए ग्रामीणों ने ट्रैक्टर-ट्रॉली खड़ी कर हाईवे जाम कर दिया। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता पहुंचे तो ग्रामीणों ने उन्हें पानी और गड्ढों में घुमाया। ग्रामीणों ने अधिकारियों को अपनी बीच में बैठा लिया और एलान किया कि सड़क ठीक होने तक गांव से नहीं जाने देंगे। इसके बाद अधिकारी हरकत में आए। लोनिवि की टीम ने जलनिकासी कर गड्ढे भरने शुरू किए।
गांव भैसी में पानी की निकासी न होने के कारण हाईवे पर जलभराव की स्थिति बनी हुई है। मंगलवार को मुजफ्फरनगर से मेरठ की जा रही भैसाली डिपो की बस गहरे गड्ढों में फंस गई। अनियंत्रित होकर बस पलटते हुए बिजली के खंभे पर जा टिकी। ग्रामीणों ने किसी प्रकार बस से यात्रियों को बाहर निकालकर उन्हें दूसरी बस से रवाना किया। ग्रामीणों ने विशाल अहलावत और मनीष चौधरी के नेतृत्व में नाराजगी जताते हुए सड़क पर ट्रैक्टर खड़े कर जाम लगा दिया। दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई।
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पुलिस ने लोगों को समझाकर जाम खुलवाया। ग्रामीणों ने प्रशासन के अधिकारियों को कॉल कर प्रकरण से अवगत कराया। सैकड़ों ग्रामीण मौके पर जमे रहे। कई घंटे बाद लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड़ के अधिशासी अभियंता अनिल कुमार राणा ग्रामीणों के बीच पहुंचे और सड़क के गड्ढे भरने का काम शुरू हुआ। इस दौरान ग्रामीणों ने खुद गड्ढे भरने में सहयोग किया और ट्रैक्टर समेत अन्य उपकरण भी दिए। लेकिन देर रात तक अधिकारियों को गांव में ही बैठाए रखा। प्रदर्शन के दौरान ग्राम प्रधान अमित अहलावत, विशाल अहलावत, मनीष चौधरी, कपिल, सचिन, राहुल, हरशरण मुखिया, गोलू, धर्मेंद्र, मास्टर अनिल, संजीव शामिल रहे।
पीडब्लूडी मुर्दाबाद के नारे लगाए
खतौली। ग्रामीणों ने मांग रखी कि पानी निकासी होने के साथ ही सडक़ में बने गहरे गड्ढे भरे जाए। पीडब्लूडी मुर्दाबाद के नारे भी लगाए। ईएक्सएन अनिल कुमार राणा सहित एई पीके सक्सेना ने कर्मचारियों को बुलाकर सडक़ में भरे पानी की निकासी कराने का काम शुरू कराया, जिसके ग्रामीण शांत हुए।
भैसी एकजुट हुआ तो जागे अधिकारी
भैसी गांव में करीब दो सौ मीटर हाईवे के टुकड़े से गुजरना मुश्किल हो गया था। आए दिन यहां हादसे हो रहे थे। ग्रामीणों ने जलनिकासी और सडक़ निर्माण की मांग की, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। मंगलवार को पहले गड्ढों में बस फंसी, इसके बाद ई-रिक्शा पलट और बाइक सवार फिसले। जिसके बाद नाराज ग्रामीण सडक़ पर उतर आए। गांव के लोग एकजुट हुए तो समस्या का समाधान भी होने लगा।
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ग्रामीणों ने किया श्रमदान
लोनिवि के अधिकारियों को अपने बीच में बैठाकर ग्रामीणों ने श्रमदान किया। ग्रामीणों ने खुद गड्ढ़े भरने में सहयोग किया और ट्रैक्टर समेत अन्य उपकरण भी दिए। लेकिन देर रात तक अधिकारियों को गांव में ही बैठाया हुआ है।
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