फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

तीन माह में बनने थे, चार साल बाद भी अधूरे आंगनबाड़ी केंद्र

विज्ञापन
विज्ञापन
तीन माह में बनने थे, चार साल बाद भी अधूरे आंगनबाड़ी केंद्र
विज्ञापन

जानसठ। ब्लॉक क्षेत्र के नौ गांवों में आंगनबाड़ी केंद्र बनाए जाने के लिए चार साल पहले नींव रखी गई थी, लेकिन अभी तक निर्माण पूरा नहीं हो सका। धनराशि अवमुक्त नहीं होने के कारण ठेकेदारों ने केंद्रों का निर्माण कार्य रोक दिया है। दो साल से निर्माण कार्य रुका पड़ा है। अधबने केंद्र अब खंडहर में तब्दील होने लगे हैं।
सरकार ने 2018 में मल्टी सेक्टोरल डेवलपमेंट योजना (एमएसडीपी) के तहत केंद्रों के निर्माण को मंजूरी दी थी। उत्तर प्रदेश वक्फ विकास निगम ने 17 फरवरी 2018 को निविदा सूचना प्रकाशित की और 27 मार्च 2018 को टेंडर छोड़े थे। मुजफ्फरनगर में 34 आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण दो करोड़ 12 लाख 50 हजार रुपये की लागत से होना था। लगभग एक करोड़ रुपये की धनराशि शासन ने अवमुक्त की गई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

जानसठ ब्लॉक के गांव भलेड़ी, खेड़ी सराय-एक, खेड़ी सराय-दो, ढ़ासरी, भुम्मा, पुट्ठी इब्राहिमपुर, संभलहेड़ा, सालारपुर व जानसठ देहात में भी आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण शुरू कराया गया। गांव पुट्ठी इब्राहिमपुर के आंगनबाड़ी केंद्र की सिर्फ नींव और दीवार का निर्माण कराया गया। जिला अल्पसंख्यक अधिकारी मैत्री रस्तोगी ने सरकार की ओर से धनराशि अवमुक्त नहीं होने की वजह से आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण रुका हुआ है। वीके कंस्ट्रक्शन कंपनी के मालिक संदीप ने बताया कि पिछले दो साल से सरकार की ओर से धनराशि अवमुक्त नहीं की गई। इसलिए बीच में ही आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण रोकना पड़ा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें