मुजफ्फरनगर। पिछले चार साल में पश्चिम यूपी की सियासत में हुए फेरबदल का असर किसान पंचायतों तक भी नजर आने लगा है। गाजीपुर बॉर्डर पर भाकियू प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत के आंसू गिरे तो रालोद के तत्कालीन अध्यक्ष चौधरी अजित सिंह गरज उठे थे। लेकिन वक्त बदला और गठबंधन भी बदल गए। इस बार टिकैत की पगड़ी गिरी, लेकिन रालोद अध्यक्ष एवं केंद्रीय राज्यमंत्री जयंत सिंह की ओर से किसान प्रतिक्रिया का इंतजार करते रहे गए। सार्वजनिक तौर पर कोई बयान भी सामने नहीं आया है। असल में गाजीपुर बॉर्डर पर चौधरी राकेश टिकैत के आंसू गिरे तो किसानों का हुजूम उमड़ पड़ा था। विपक्षी दलों के नेता भी पहुंचे थे। यही नहीं वर्तमान केंद्रीय राज्यमंत्री जयंत सिंह भी बॉर्डर पर टिकैत से मिलने गए थे। इसके बाद सपा-रालोद गठबंधन में साल 2022 का विधानसभा चुनाव हुआ तो नजदीकियां और अधिक बढ़ गई।