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पटवारी की हत्या के बाद अंग्रेजों ने फूंक दिया था गड़वाड़ा

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आजादी के 75 साल
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मोरना क्षेत्र के गड़वाड़ा गांव के लोगों पर ढहाए गए थे जुल्म
अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। आजादी के आंदोलन के दौरान अंग्रेजों ने आंदोलनकारियों पर जुल्म ढहाए थे। सरेआम लोगों को फांसी दी जाती थी। अत्याचार से पीड़ित ग्रामीणों ने अंग्रेज पटवारी की हत्या कर दी थी। इससे नाराज होकर अंग्रेजों ने गड़वाड़ा गांव में आग लगा दी थी। इसके बावजूद गांव के लोगों ने आजादी की लड़ाई जारी रखी।
गड़वाड़ा गांव के लोगों ने आजादी की लड़ाई बढ़-चढकऱ लड़ी थी। अंग्रेज पटवारी ग्रामीणों को परेशान करता था। जुल्म बढ़े तो एक रात ग्रामीणों ने इकट्ठे होकर पटवारी को मौत के घाट उतार दिया। दिन निकलने पर अंग्रेजों को वारदात की जानकारी मिली। अंग्रेजों ने गांव को घेर लिया और आग लगा दी। कई लोगों की जान गई। संपत्तियां जली और लोग घर से बेघर हो गए थे, इसके बावजूद ग्रामीणों ने आजादी की लड़ाई जारी रखी।
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आम के बाग में लटका दिए थे शव
मीरापुर के जानी और हसना कुरैशी भाईयों ने अंग्रेजों की नाक में दम कर दिया था। दोनों ने मीरापुर क्षेत्र के लोगों को संगठित किया। अंग्रेजों ने दोनों को आम के बाग में फांसी पर लटका दिया था।
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याद रहेगा इनका बलिदान
सोंहजनी तगान के मोहकम त्यागी, सगवा भंगी मुंडभर, हरपाल सिंह पुरबालियान, भगवान सिंह सैदपुर, मैदा सिंह, वजीरा सिंह समेत अन्य आंदोलनकारियों को अंग्रेजों ने सजा दी थी।
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