फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Muzaffarnagar News: अपर सत्र न्यायालय ने पलटा निचली अदालत का फैसला

विज्ञापन
विज्ञापन
- मारपीट के मामले में पूर्व में बरी किए गए चारों आरोपी दोष सिद्ध, भेजे गए जेल
विज्ञापन

अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। मारपीट के मामले में दोषमुक्त किए आरोपियों के मामले की फिर से सुनवाई हुई। अपर सत्र न्यायालय कोर्ट नंबर-10 की पीठासीन अधिकारी हेमलता त्यागी ने निचली अदालत का फैसला निरस्त कर दिया। मारपीट के मामले में बरी किए चारों आरोपियों के खिलाफ दाखिल दांडिक अपील मंजूर कर ली है। साक्ष्यों के आधार पर चारों की दोष सिद्ध पाया। इसके बाद सभी को जेल भेज दिया गया।
अधिवक्ता कुलदीप कुमार ने बताया कि करीब 22 साल पूर्व मई वर्ष 2001 में मीरापुर कस्बे के मोहल्ला तहबलपुरा में हेल्थ क्लब पर एक्सरसाइज करने गए नूर मोहम्मद को हमलावरों ने लाठी डंडों और चाकू से हमला कर दिया था। हमले वह बुरी तरह घायल हो गया था। वादी मेहराजुद्दीन ने चार हमलावरों के खिलाफ मुकदमा कायम कराया था। मुकदमे का विचारण निचली अदालत में हुआ। अपर सिविल जज जूनियर डिवीजन डिवीजन कोर्ट नंबर-चार ने आरोपी अकील, वकील, कामिल और शकील को सुनवाई के बाद 22 अप्रैल 2022 को दोषमुक्त कर दिया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

इस आदेश से खिलाफ राज्य सरकार की ओर से अभियोजन पक्ष ने सेशन कोर्ट में दांडिक अपील दायर की। अपील की सुनवाई एडीजे कोर्ट नंबर 10 की पीठासीन अधिकारी हेमलता त्यागी की अदालत में हुई। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुना। पत्रावली पर आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त सुबूत पाते हुए राज्य सरकार की अपील स्वीकार कर ली। विचारण न्यायालय के आदेश को निरस्त करते हुए दोषमुक्त किए चारों आरोपियों को आईपीसी की धारा 323, 324 और 506 सपठित धारा 34 के अंतर्गत दोष सिद्ध करते हुए न्यायिक हिरासत में ले लिया। अदालत ने चारों को जेल भेजने के आदेश पारित किए।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें