अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। रामपुर तिराहा कांड की सुनवाई के दौरान अदालत में आरोपियों ने हाजिरी माफी प्रार्थना पत्र दिया। अगली सुनवाई आठ जनवरी को होगी।
शासकीय अधिवक्ता फौजदारी राजीव शर्मा, सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी परवेंद्र सिंह, उत्तराखंड संघर्ष समिति के अधिवक्ता अनुराग वर्मा और रजनीश चौहान ने बताया कि एक अक्तूबर, 1994 को अलग राज्य की मांग के लिए देहरादून से बसों में सवार होकर आंदोलनकारी दिल्ली के लिए निकले थे। देर रात रामपुर तिराहा पर पुलिस ने आंदोलनकारियों को रोकने का प्रयास किया। आंदोलनकारी नहीं माने तो पुलिसकर्मियों ने फायरिंग कर दी, जिसमें सात आंदोलनकारियों की मौत हो गई थी।
सीबीआई ने मामले की जांच की और पुलिस पार्टी और अधिकारियों पर मुकदमे दर्ज कराए थे। एसीजेएम प्रथम मयंक जायसवाल की अदालत में सीबीआई बनाम बृजकिशोर की पत्रावली में आरोपी अनिल, बृजकिशोर व उमेश चंद शर्मा की ओर से हाजिरी माफी प्रार्थना पत्र दिया गया। सीबीआई बनाम एसपी मिश्रा में भी हाजिरी माफी दी गई।