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...मैं गुफ्तगू करुंगा जब उर्दू जबान में

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मुशायरे में कलाम सुनाते शायर तनवीर अजमल - फोटो : DEVBAND
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देवबंद। विश्व उर्दू दिवस पर जहान-ए-अदब एकेडमी की ओर से मुशायरे का आयोजन किया गया। शायरों ने उम्दा कलाम पेश कर श्रोताओं से जमकर वाहवाही लूटी। शमीम किरतपुरी ने पढ़ा..आजा के तेरे दम से खिजा भी बहार है,ऐ जान इंतजार तेरा इंतजार है। इस दौरान शायरों और लेखकों को विशेष सम्मान से भी नवाजा गया।
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बुधवार को रात्रि मोहल्ला बेरुन कोटला स्थित उर्दू घर में आयोजित मुशायरे का शुभारंभ लेखक कमल देवबंदी ने फीता काटकर और ग्रीन वैली स्कूल के चेयरमैन जमाल नासिर ने शमा रोशन कर किया। इसमें संस्था चेयरमैन तनवीर अजमल ने उर्दू से मोहब्बत का इजहार करते हुए कहा..हर सिमत खुश्बुओं सी बिखर जाएगी मियां, मैं गुफ्तगू करूंगा जब उर्दू जबान में। मजहर हसन ने कुछ यूं कहा..वो फिजाओं में इतर घोले है, जो भी उर्दू जबान बोले है। सलमान दिलकश ने कहा..नबी पाक की सुन्नत को क्यूं न आम करो, मिले जो राह में दुश्मन उसे सलाम करो। दिलशाद खुशतर ने पढ़ा..यूं तो दुनिया में क्या नहीं होता, उसका हक ही अदा नहीं होता। डॉ. अदनान अनवर ने कहा..खुद परस्त जमाने में हम नवां नहीं मिलता, बेवफा तो मिलते हैं बावफा नहीं मिलता। जाहिद दिलबर ने अपने जज्बात कुछ यूं बयां किए..हम अंधेरे में थे रोशनी मिल गई, आप क्या मिल गए जिंदगी मिल गई सुनाकर श्रोताओं की खूब वाहवाही लूटी। इनके अलावा सुहैल अकमल, नफीस खान, नबील मसूदी आदि ने भी अपना कलाम पेश किए। अध्यक्षता शमीम किरतपुरी व संचालन तनवीर अजमल ने किया। इसमें वजाहत अनवर, मोहम्मद अली, नजम उस्मानी, मो. अनस, सैयद रहमान, इमरान, नबील उस्मानी, अनवार, हसीन, लियाकत अंसारी आदि मौजूद रहे।
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