खतौली। भागरथी जैन मंदिर में आचार्या भारत भूषण महाराज के मंगल सानिध्य में शिक्षण कक्षाएं आरंभ की गईं। महाराज श्री ने धर्म के मूल तत्वों को बारीकी से सरल भाषा में समझाया।
उन्होंने बताया कि सांसारिक आकर्षण में फंसना व्यर्थ है। जीवन के वास्तविक अर्थ को समझना जीवन में सत्य के मार्ग पर चलना है। वैराग्य संसार की वस्तुओं एवं कर्मों से विरत होना है। प्रत्येक प्राणी को मन में वैराग्य भाव धारण करना चाहिए। समाज में किसी के प्रति कुटिलता का भाव धारण मत करो। समाज में सदैव वात्सल्य तथा समरसता लाने का प्रयास करें। मन को सदैव प्रवाहमान बनाएं। आत्मा को अध्यात्म से भरपूर ज्ञान देें। जीवन में सहनशीलता को स्थान देकर सुखमय जीवन बनाया जा सकता है। मन को भटकने से रोकने के लिए अपने मन को प्रभु के चरणों में लगाओं। जिसके जीवन में धार्मिक भावनाओं को स्थान मिला है। वह जीवन सुखमय रहा है। शांति चित्त वाले व्यक्तियों का जीवन सदैव प्रगतिशील होता है।
कार्यक्रम का संयोजन अरुण ने किया। इस अवसर पर नीरज जैन प्रवक्ता, वर्षा, नैना, अंजु, मीनू, छवि, अंजलि, प्रीति, ममता, आयुषि, काजल, सैहया, रजनी, करूणा, शिल्पी, प्रवीन, अनुज, रामकुमार, राकेश, सुशील, मोहित आदि उपस्थित रहे।