मुजफ्फरनगर। बेरहम हत्यारों ने कत्लोगारत का यह सिलसिला 23 सितंबर की रात शहर के जानसठ रोड स्थित स्टेपिंग स्टोंस पब्लिक स्कूल के पास से शुरू किया था। कातिलों ने सबसे पहले शहर के इंदिरा कॉलोनी निवासी देवेंद्र से पर हमला कर लूटपाट करने के बाद उसे घायलावस्था में सड़क पर ही छोड़ दिया था। पुलिस ने देवेंद्र को हादसे में घायल होना मानकर जिला अस्पताल में भर्ती कराया था, जहां से उसे मेरठ रेफर कर दिया गया था। वहां उसकी मौत हो गई थी। सहारनपुर के गांव सिमलाना निवासी मुकेश इनका दूसरा शिकार बना। 25 सितंबर की रात आरोपियों ने उसकी भी डंडो से हत्या कर मोबाइल-नकदी लूटने के बाद लाश को वहीं सड़क से कुछ दूरी पर कूड़े के ढेर के पीछे छिपा दिया था। बदमाशों की निशानदेही पर पुलिस ने गुरुवार देर रात उसका नरकंकाल घटनास्थल से बरामद किया है, जिसकी कपड़ों के आधार पर शिनाख्त हो गई है। गांव शेरनगर निवासी ढाबा मालिक अख्तर उर्फ भूरा कातिलों का तीसरा शिकार बना। 27 सितंबर को उसकी जानसठ बाईपास के निकट हत्या कर दी गई और 1500 रुपये लूटकर लाश को रजवाहे की पुलिया के नीचे छिपाकर कातिल फरार हो गए थे। इसके बाद चार अक्तूबर की रात कातिलों ने बहादरपुर में तिहरे हत्याकांड को अंजाम दिया। सुंदर के परिजनों ने कातिलों के पास से बरामद की गई उसकी साइकिल की पहचान कर ली है।