आपदा आए या बाढ़, प्रशासनिक अमला तैयार
मुजफ्फरनगर। प्रदेश में मानसून की दस्तक के बाद प्रशासन भी अलर्ट है। जनपद के खादर क्षेत्र और बाढ़, सूखा ग्रस्त क्षेत्रों की मुख्य समस्याओं को प्वाइंटवार नोट किया जा रहा है। इन इलाकों में आपदा आए या बाढ़, प्रशासनिक अमले ने पूरी तरह से मुस्तैदी को कमर कस ली है। जनपद में जून माह से ही डीजल, पेट्रोल, केरोसिन समेत घरेलू गैस सिलेंडर का स्टॉक रखा जाएगा। यह स्टॉक अक्टूबर माह तक सुरक्षित रहेगा। जुलाई माह पर आम तौर पर सावन कहा जाता है। इस माह में मानसून पूरी तरह से सक्रिय होता है। औसत से अधिक बारिश और आंधी-तूफान से कई समस्याएं खड़ी होती है। सबसे अधिक मुश्किलें बाढ़ ग्रस्त इलाकों और गांवों में होती है। जनपद के रामराज खादर क्षेत्रों में मानसूनी बारिश में समस्या प्रमुख है। इस क्षेत्र के गांवों में संभावित बाढ़, सूखा ग्रस्त प्वाइंट पर रखा गया है। मुश्किल हालातों से निपटने के लिए प्रशासन जुट गया है। बृहस्पतिवार को जिला पूर्ति अधिकारी मदन यादव ने तैयारियों के मद्देनजर गाइडलाइन जारी की है। इसमें जनपद स्तर पर तीन हजार लीटर डीजल, एक हजार लीटर पेट्रोल अतिरिक्त रूप में आक्षरित किया गया है। साथ ही डीजल के पेटी लाइसेंस धारक (2500) लीटर क्षमता वालों को 250 लीटर 24 घंटे रखने के निर्देश दिए हैं। पूरे जिले की गैस एजेंसी इसी माह से कम से कम 50 घरेलू गैस सिलेंडर सुरक्षित रखे जाएंगे। साथ ही केरोसिन विक्रेता भी 500 लीटर हर समय स्टॉक में रखेंगे। जिला पूर्ति अधिकारी मदन यादव ने बताया कि यह व्यवस्था जिले में 31 अक्तूबर तक रहेगी। इसके लिए कभी टीम जांच-पड़ताल कर सकती है। यह आपदा और बाढ़ आदि प्रमुख ज्वलन समस्या से निपटने के लिए व्यवस्था की गई है।