धर्मगुरु खुद को भगवान प्रचारित न करें: शर्मा
मुजफ्फरनगर। महामृत्युंजय सेवा मिशन के अध्यक्ष संजीव कुमार शर्मा ने कहा कि धर्म गुरुओं को अपने आपको भगवान के रूप में प्रचारित नहीं करना चाहिए। हिंदू धर्म में ऐसा कहीं नहीं है। भारतीय संस्कृति में ऐसे संतों का वर्णन नहीं मिलता। आदि शंकराचार्य ने भी अनुयायियों की भीड़ नहीं बनाई। भक्त को भगवान से जोड़ने का काम साधु-संत करते रहे हैं। कुछ तथाकथित धर्मगुरुओं ने भगवान की जगह अपनी ही आराधना शुरू करा दी है। संत हमेशा सुख सुविधाओं और भौतिकवादी सोच से दूर रहते हैं। राम रहीम और उनके समर्थकों का कृत्य शर्मसार करने वाला है।