खतौली। भारत छोड़ो आंदोलन की 75वीं वर्षगांठ क्रांतिकारियों और शहीदों को नमन करके मनाई गई।
आर्य समाज शिवपुरी में आयोजित कार्यक्रम में आर्य समाज के संचालक सत्येंद्र आर्य ने कहा कि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद अंग्रेजी सरकार ने भारत को आजाद करने का अपना वायदा नहीं निभाया। इसी कारण महात्मा गांधीको अंग्रेजों भारत छोड़ों आंदोलन की 9 अगस्त 1942 को घोषणा करनी पड़ी। पंडित रामदेश शास्त्री ने कहा कि सरदार भगत सिंह की तीन पीढ़ियों ने तथा अशफाक उल्ला खां, चंद्रशेखर आजाद, रामप्रसाद बिस्मिल, सुभाषचंद बोस आदि क्रांतिकारियों के बलिदान को नहीं भुलाया जा सकता। कार्यक्रम में जितेंद्र विद्यालंकार, मास्टर जगदीश सिंह, सुशील आर्य, पवन कौशिक, रणसिंह आर्य, अजेश गुप्ता, रामशरण, सुनील कुमार, भगवान सिंह, हरीश्चंद्र आर्य, राजपाल आर्य, ऋषिपाल, मोहनलाल गोयल आदि ने भाग लिया। अध्यक्षता मास्टर जयपाल सिंह ने तथा संचालन सत्येंद्र आर्य ने किया।