फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आसमान से 36 मिमी बरसा पानी, जनजीवन अस्त-व्यस्त

विज्ञापन
बारिश में छाता लेकर गंतव्य को जाते राहगीर। - फोटो : MUZAFFARNAGAR
विज्ञापन
मुजफ्फरनगर। मानसून की पहली जोरदार बारिश हुई तो आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। करीब 26 घंटे में रुक-रुककर 36 मिमी बरसात हुई। जिले में कहीं अधिक तो कहीं कम पानी बरसा। किसानों के चेहरे खिल गए। शहर से लेकर गंाव तक जलभराव की समस्या बनीं रही।
विज्ञापन

शनिवार रात करीब तीन बजे से बरसात शुरू हुई हुई थी। रुक-रुककर रविवार शाम तक बरसात होती रही। जुलाई माह में अब तक की सबसे अधिक 36.4 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है। देहात क्षेत्र में बारिश के कारण पशुपालकों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। खेत में चारा लेने नहीं जा सके। बिजली आपूर्ति भी ठप रही। शाहपुर क्षेत्र के हरसौली और खतौला गांव में जलभराव से ग्रामीणों को परेशानी झेलनी पड़ी। शहर के शांतिनगर, रामलीला टिल्ला, शिव चौक क्षेत्र, केशवपुरी में जलभराव हो गया। रविवार को दिन का अधिकतम तापमान 30.1 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। कृषि विज्ञान केंद्र बघरा के प्रभारी डॉ. अनिल कटियान का कहना है कि मानसून की बारिश से धान के किसानों को सबसे ज्यादा लाभ होगा। किसी भी फसल को नुकसान नहीं है। सब्जी के किसान खेत में पानी जमा न होने दें।
बारिश के चलते गिरा मकान
मोरना। बारिश के चलते मोहल्ला गोटकी पर स्थित मकान रात में भरभरा कर गिर गया, जिसमें सो रहे पति पत्नी को गंभीर चोटें आई। चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीणों ने दोनों को मलबे से बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया।
विज्ञापन

कस्बा भोकरहेड़ी निवासी महराज ने जानकारी देकर बताया कि गोटकी के पास तालाब पर स्थित मकान में बेटा फकरू व उसकी पत्नी आशु परवीन सो रहे थे। तेज बारिश के चलते मकान भरभरा कर गिर गया। मकान में सो रहे पति पत्नी मलबे में दब गए। चीख-पुकार की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण इकट्ठा हो गए और दोनों को मलबे से बाहर निकाला। दोनों को काफी चोटें आई है। ग्रामीणों ने एसडीएम जानसठ से मुआवजे की मांग की है। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें