जूतों की दुकानें तोड़ने का विरोध
मुजफ्फरनगर। अतिक्रमण हटाओ अभियान में दो दिन पहले कचहरी रोड पर स्थित जूतों की दुकानों को ध्वस्त करने का विरोध किया गया। दुकानदारों ने डीएम को ज्ञापन देकर कहा कि वह 1979 से लगातार यहां रोजगार कर रहे थे। कचहरी रोड पर जूतों की दुकान लगाने वाले दुकानदार खालापार के कुछ लोगों के साथ डीएम राजीव शर्मा से मिले। इन लोगों ने डीएम को बताया कि 1979 में दंगे की घटना हो गई थी, जिसमें उनकी जूते की दुकानें नष्ट हो गई थी, तत्कालीन डीएम एन रवि शंकर के द्वारा दुकानों को कोऑपरेटिव बैंक के समीप आवंटित किया गया। आठ दुकानें तैयार करा कर दी गई थी। इन दुकानों का किराया 60 रुपये प्रतिमाह रख गया, जो नगर पालिका परिषद में जमा हो रहा था। 2006 में पालिका बोर्ड ने बढ़ाकर इसे 250 कर दिया। वर्षों से पालिका दुकानों का किराया जमा नहीं कर रही है। जूतों की ये दुकानें अतिक्रमण में नहीं आती हैं। खालापार के इन लोगों ने बिजली का बिल नगरपालिका की किराए की रसीद डीएम को दी और इस पर कार्रवाई करने को कहा। डीएम ने कहा कि वह पूरे मामले को देखेंगे। ज्ञापन देने वालों में यासीन, अतर सिंह, दिलशाद , इदरीश , नसीर, नजर मोहम्मद आदि शामिल रहे।