छपार (मुजफ्फरनगर)। आचार्य गुरुदत्त आर्य ने कहा कि पाप का फल अवश्य भोगना पड़ेगा। पुण्य और शुभ कर्म में जीवन को लगाएं। खिंदड़िया गांव में यजुर्वेद परायण यज्ञ के शुभारंभ समारोह में आचार्य गुरुदत्त आर्य ने कहा कि वैदिक संस्कृति सत्य, नैतिक, न्याय और सदाचरण का बोध कराती हैं। शरीर, वाणी और मन से पाप न करें। पाप की सजा भुगती पड़ेगी। पुण्य और शुभ कर्म से जीवन सफल होता हैं। प्रधान ऋतु पूर्ण सिंह आर्य ने कहा कि बच्चों को बचपन से संस्कारित करें। यज्ञ में वेदपाठ आचार्य देवपाल शास्त्री एवं सुरेंद्र सिंह आर्य और यज्ञमान कृष्णपाल रहे। ओमपाल सिंह, चरण सिंह, ब्रहम पाल आर्य, प्रदीप आर्य, जगवंश आर्य, मुकेश आर्य आदि मौजूद रहे। संचालन सुखपाल आर्य ने किया।