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Muzaffarnagar News: सोलानी में छोड़ा 30 हजार क्यूसेक पानी, जलस्तर बढ़ा

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पुरकाजी खादर क्षेत्र में पानी से गुजरते ग्रामीण
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पानी नदी से बाहर निकलकर गांवों के रास्तों पर आ गया
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ग्रामीण बोले, पानी अगर और अधिक बढ़ा तो नुकसान होगा
संवाद न्यूज एजेंसी

पुरकाजी (मुजफ्फरनगर)। खादर क्षेत्र में हुई बारिश और उत्तराखंड से छोड़े गए 30 हजार क्यूसेक पानी से बुधवार को सोलानी नदी का जलस्तर फिर बढ़ गया है। पानी नदी से बाहर निकलकर गांवों के रास्तों पर आ गया। ग्रामीणों का कहना है कि पानी अगर और अधिक बढ़ा तो नुकसान होगा।
खादर क्षेत्र में बुधवार को जलस्तर बढ़ गया। जंगलों और गांवों के रास्तों में पानी भर जाने से खादर क्षेत्र में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। खेतों में खड़ी करोड़ों रुपयों की फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं। ग्रामीणों के समक्ष रोजी रोटी का संकट है। बुधवार को गांव रामनगर, रजकल्लापुर, रतन पुरी, धुममनपुरी, शेरपुर नगला, पांचली, भदौला के गांवों के रास्तों पर आ जाने से ग्रामीणों की आवाजाही प्रभावित हो गई।
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राजू प्रजापति, यादराम प्रजापति, गुलशन कुमार, साधु राम, छोटे लाल का कहना है कि क्षेत्र के हालात बेहद खराब हैं। घरों में रखा सामान व कुछ कच्चे मकानों की कड़ियाँ गल गई हैं। कई दिनों तक घरों में पानी भरा रहने के कारण मकानों में दुर्गंध आ रही है। जिससे ग्रामीण घरों के अंदर सो नहीं पा रहे हैं।
सिंचाई विभाग के अधिकारी वीके पांडेय ने बताया कि पहाड़ों पर बारिश ज्यादा होने के कारण मंगलवार को करीब 30 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। जिससे नदी में पानी बढ़ गया है। पानी धीरे धीरे कम हो जाएगा।

जलस्तर घटा, लेकिन सूख रहीं फसलें
तितावी। हिंडन नदी का जलस्तर कम हुआ है, लेकिन जलभराव के कारण ज्वार, सब्जी और गन्ने की फसल सूखने लगी है। किसानों का कहना है कि प्रशासन को जल्द से जल्द मुआवजा देना चाहिए। किसानों को फसलें तबाह होने से बड़ा नुकसान हुआ है।
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हिंडन का जलस्तर हुआ कम, ग्रामीणों ने राहत की सांस ली

बुढ़ाना। हिंडन नदी में आई बाढ़ ने किसानों और मजदूरों के लिए संकट पैदा कर दिया है। तहसीलदार सतीश चन्द बघेल ने बताया कि बाढ़ से हुए नुकसान का सर्वे करवाया जा रहा है। ग्रामीण अनिल कुमार, प्रवीन कुमार व दिनेश कुमार का कहना है कि किसानों की फसलेें बर्बाद हो गई है। सब्जी व हरे चारे की फसल तो पूरी तरह नष्ट हो गई है। सरकार को नुकसान का सर्वे करवाकर मुआवजा देना चाहिए। तहसीलदार सतीश चन्द बघेल ने बताया कि पानी का स्तर गिरने लगा है। बाढ़ आश्रय स्थल में बुधवार को कोई नया परिवार नहीं आया। उन्होंने बताया कि जलस्तर गिरने से किसान की परेशानियां कम हुईं हैं।
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