मुजफ्फरनगर। किदवईनगर में एकत्र शहर के कूडे़ सहित जनपद की अन्य निकायों के कूडे़ के निस्तारण के लिए वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट लगाया जाएगा। कूडे़ से 30 मेगावाट बिजली का उत्पादन होगा। प्लांट की कार्ययोजना को अंतिम रूप देेन के लिए डीएम सीबी सिंह ने जीसी इंटरनेशनल के अधिकारियों के साथ बैठक की।
कलक्ट्रेट में डीएम के कक्ष में हुई बैठक में एडीएम प्रशासन नरेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि जनपद में वेस्ट-टू-एनर्जी प्लान्ट की स्थापना को मैसर्स जीसी ंन्टरनेशनल एवं नगर पालिका परिषद के मध्य अनुबंध किया जा चुका है। प्लांट में 750 टन ठोस अपशिष्ट एवं 300 टन प्लास्टिक अपशिष्ट का प्रबंधन कर 30 मेगावाट ऊर्जा उत्पादन होगा। अनुबंध के आधार पर नगर पालिका परिषद मुजफ्फरनगर ने किदवई नगर में उपलब्ध कुल 28.466 हेक्टेयर अर्थात 284660 वर्ग मीटर भूमि पर प्लांट स्थापित होना है। राजस्व विभाग तथा कंपनी के प्रतिनिधियों द्वारा संयुक्त रूप से सर्वे किया गया, जिसमें प्लांट की भूमि तक जाने को सड़क तथा काली नदी पर पुल बनाया जाना प्रस्तावित किया गया है।
डीएम ने कहा कि प्लांट के संचालन से जनपद के समस्त अपशिष्ट का प्रबंधन हो जाएगा। इस प्लांट की क्षमता जनपद में होने वाले कुल अपशिष्ट से अधिक उपयोग करने की है। बैठक में मैसर्स जीसी इंटरनेशनल कम्पनी के प्रतिनिधियों के साथ एडीएम प्रशासन, उप जिलाधिकारी सदर परमानंद झा, अधिशासी अभियंता लोनिवि, सहायक अभियंता सेतु निगम मेरठ उपस्थित रहे।
शासन को भेज दिया गया प्रस्ताव
डीएम ने बैठक में जीसी इंटरनेशनल कंपनी के प्रतिनिधि को बताया कि वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट की भूमि पर पहुंचने को काली नदी पर ब्रिज निर्माण तथा काली नदी पर ब्रिज तक पहुंच मार्ग निर्माण कार्य एवं प्लाट की भूमि पर बाउंड्रीवाल निर्माण कार्य प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेज दिया गया है। वर्तमान में नगर पालिका परिषद मुजफ्फरनगर के पास इतनी धनराशि अवशेष नहीं है। जीसी इंटरनेशनल कंपनी के प्रतिनिधि ने बताया कि धनराशि की व्यवस्था को प्रमुख सचिव नगर विकास विभाग लखनऊ से वार्ता कर जल्द निदान होगा। वर्तमान में प्लांट की भूमि पर बाउंड्रीवाल निर्माण कराकर भूमि पर कब्जे की मांग की।