दिल्ली में भारत और नीदरलैंड की एमबेसी के अधिकारियों की वार्ता में शामिल हुए एडीएम प्रशासन नरेंद
- दोनों देशों के एंबेसी के बीच हुई वार्ता, एडीएम प्रशासन रहे मौजूद
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संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। शहर के किदवईनगर में लगाया जा रहा वेस्ट टू एनर्जी प्लांट दोनों देशों के संबंधों को भी मजबूत करेगा। दिल्ली में दोनों देशों की एंबेसी के अधिकारियों ने इस प्लांट को लेकर वार्ता की। वार्ता में एडीएम प्रशासन नरेंद्र बहादुर सिंह भी शामिल हुए। एडीएम प्रशासन नरेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि नीदरलैंड की कंपनी प्रतिदिन 750 मिट्रिक टन अपशिष्ट और 250 मिट्रिक टन प्लास्टिक का प्रयोग कर 30 मेगावाट बिजली बनाएगी। कंपनी जल्द ही अपना काम शुरू करने जा रही है। कूड़े के साथ ही बिजली की समस्या का निदान भी होगा।
दिल्ली में आयोजित भारत-नीदरलैंड एंबेसी के अधिकारियों की बैठक में व्यापारिक एवं सामरिक संबंधों पर चर्चा हुई। मुजफ्फरनगर में वेस्ट टू एनर्जी प्लांट को लेकर दोनों देशों के अधिकारियों ने वार्ता की। प्रोजेक्टर के माध्यम से बताया गया कि प्लांट में कूड़े से किस तरह बिजली बनेगी। बैठक में अपशिष्ट निस्तारण मुख्य बिंदु था जिसके संबंध में नीदरलैंड की कंपनी की ओर से देश-प्रदेश में लगाए जा रहे वेस्ट टू एनर्जी प्लांट पर विभिन्न स्टेकहोल्डर के साथ विस्तृत रूप से चर्चा की गई, जिसमें जनपद की ओर से अपर जिलाधिकारी प्रशासन नरेंद्र बहादुर सिंह ने प्रतिनिधित्व करते हुए सभी को अवगत कराया गया कि नगर पालिका मुजफ्फरनगर क्षेत्र में शासन की ओर से नामित जीसी इंटरनेशनल द्वारा लगाए जा रहे वेस्ट टू एनर्जी प्लांट को 19.46 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध करा दी गई है। शीघ्र ही प्लांट की भूमि तक अवरुद्ध संपर्क मार्ग को दुरुस्त करा दिया जाएगा, ताकि जल्द से जल्द कंपनी अपना कार्य प्रारंभ कर सके।
प्लांट के शुरू होने से जनपद वासियों को जहां एक ओर कूड़े के ढेर से मुक्ति मिलेगी वही भविष्य में बिजली की समस्या का भी समाधान हो सकेगा। इस प्लांट को जल्द से जल्द संचालित कराने को जिला प्रशासन अपनी तरफ से समस्त आवश्यक कार्यवाही पूर्ण किए जाने में मनोयोग से लगा है। वेस्ट टू एनर्जी प्लांट भारत-नीदरलैंड के बीच बेहतर अंतरराष्ट्रीय संबंध का सबसे अच्छा उदाहरण है।