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Muzaffarnagar News: मुजफ्फरनगर - जिले में स्वच्छता का मॉडल बनेंगे 25 गांव

Fri, 13 Oct 2023 01:06 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
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नगर में कूडा उठाते कर्मचारी।
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- मॉडल गांव के रूप में किया गया है चयन, गीले कूड़े से बन रहा वर्मी कंपोस्ट
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- हर घर से कूड़ा एकत्र किए जाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है

फोटो समाचार

संवाद न्यूज एजेंसी

मुजफ्फरनगर। पंचायती राज विभाग जिले के 25 गांवों को स्वच्छता अभियान में मॉडल के रूप में चिह्नित किया है। हर घर से कूड़ा एकत्र किए जाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। सूखा और गीला कूड़ा अलग किया जा रहा है। गीले कूड़े से खाद बनाया जा रहा है। गांवों को पूर्ण स्वच्छ बनाने के लिए समुदाय का सहयोग लिया जा रहा है।

स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण फेज-टू के अंतर्गत गावों को ओडीएफ प्लस के रूप में मॉडल बनाए जाने के लिए 2022-23 में जनपद की 123 ग्राम पंचायतों का चयन किया गया था। ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन के लिए इन ग्राम पंचायतों के लिए 63.24 करोड़ रुपये क्रेडिट लिमिट की धनराशि जारी की गई। इस राशि से आरआरसी सेंटर, सामुदायिक नेडेफ कंपोस्ट पिट, वर्मी कंपोस्ट, सामुदायिक कचरा पात्र तैयार किया गया है। तरल अपशिष्ट प्रबंधन को सामुदायिक सोक पिट, लीच पिट, सिल्ट केचर, फिल्टर चैंबर एवं यू टाइप नाली आदि का निर्माण कार्य हुआ है।
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123 चयनित ग्राम पंचायतों में से 25 मॉडल ओडीएफ प्लस पंचायतों का चयन किया गया है। इन ग्राम पंचायतों को पूरे जिले में मॉडल के रूप में तैयार किया गया है। इनमें आरआरसी सेंटर निर्माण पूर्ण कराते हुए सेंटर पर कूड़े को पृथक करने का कार्य किया जा रहा है। सूखे कूड़े को कबाड़ी के माध्यम से रिसाइकिल किया जा रहा है। घरों से निकलने वाले गीले कूड़े को खाद के रूप में परिवर्तित किया जा रहा है। वर्मी कंपोस्ट के माध्यम से गोबर अपशिष्ट को खाद में परिवर्तित किया जा रहा है। सामुदायिक कचरा पात्र के माध्यम से गांव के सूखे एवं गीले कूड़े को अलग-अलग एकत्र किया जा रहा है। लीच पिट के माध्यम से ब्लैक वाटर का प्रबंधन किया जा रहा है। गांवों में डोर टू डोर कूडा कलेक्शन हो रहा है। गांवों में कहीं भी कूड़ा न दिखाई दे इसमें समुदाय का सहयोग लिया जा रहा है।

ये 25 गांव हैं शामिल

जिले के जो 25 गांव शामिल किए गए हैं इनमें बघरा ब्लाॅक का पीनना, बघरा, छतैला, बुढ़ाना ब्लॉक का फुगाना, कल्याणपुर, चरथावल का बहेडी, दधेडूकलां, बिरालसी, जानसठ ब्लाॅक का सिखेड़ा, कुतुबपुर, जटवाड़ा, खतौली ब्लॉक का नावला, मंसूरपुर, हुसैनपुर बोपाडा, मोरना ब्लाॅक का बेहड़ा सादात, चौरावाला, मोरना, सदर ब्लॉक का जड़ौदा, सिसौना, रामपुर, पुरकाजी ब्लाॅक का बरला, छपार, बसेड़ा, शाहपुर का शौरो और गोयला शामिल हैं। स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण फेज टू के अंतर्गत 2023-24 के लिए 149 गांवों का चयन किया गया है। डीपीआरओ अनिल कुमार ने बताया कि इसके लिए सरकार ने 21.59 करोड़ की धनराशि जारी की है।
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जनता की बढ़ा रहे सहभागिता : अनिल

जिला पंचायत राज अधिकारी अनिल कुमार का कहना है कि जिले में 25 गांवों को मॉडल के रूप में तैयार किया गया है। इन गांवों में कूड़ा एकत्र करने के साथ कूड़े का निस्तारण भी हो रहा है। गीले कूड़े से खाद बनाया जा रहा है और सूखे कूड़े को रिसाइकिल किया जा रहा है।
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