शिव-पार्वती विवाह प्रसंग सुनकर श्रद्धालु झूूमे
खतौली। गीता भवन में कथावाचक साध्वी दीपिका भारती जी ने भगवान भोलेनाथ और मां पार्वती के शुभ विवाह का प्रसंग सुनाया।
घंटाघर गली में स्थित गीता भवन में आयोजित श्रीराम कथा में साध्वी ने बताया कि जिस प्रकार एक किताब की शुरुआत में लेखक अनुक्रमाणिका को लिखकर किताब का संक्षिप्त विवरण देता है, उसी प्रकार तुलसीदास द्वारा रचित ये शिव विवाह प्रसंग संपूर्ण रामचरितमानस की अनुक्रमाणिका है जो इस बात को दर्शाता है कि मनुष्य राम के चरित्र को तभी जीवन में धारण कर सकता है, जब उसके जीवन में पार्वती रूपी श्रद्धा और शिवरूपी विश्वास का दिव्य समागम होता है। कथा व्यास ने शिव विवाह प्रसंग का रहस्योद्घाटन करते हुए बताया कि मां पार्वती को भगवान भोलेनाथ की प्राप्ति गुरु नारद जी की कृपा द्वारा हुई थी। यह घटना इस परमसत्य को उजागर कर रही है कि जीवन में गुरु बिना ईश्वर की प्राप्ति असंभव है। शिव विवाह के अवसर पर बच्चों द्वारा भोलनाथ, पार्वती और गणों की मनमोहक झांकियां प्रस्तुत की गई। इस मौके पर पंकज भटनागर, ललित अग्रवाल, मुकेश अग्रवाल, संजीव मिश्रा, कुलदीप शर्मा, सुधीर गोयल, मनोज अग्रवाल, दीपक गर्ग, आशीष भारद्वाज, भावेश गुप्ता, दीपक शर्मा, मांगीराम भटनागर, गंगाराम अग्रवाल, डा. मुकेश शर्मा, बिटटू शर्मा, नरेश गौतम, ऋषिपाल, मुकेश शर्मा आदि का विशेष सहयोग रहा।