मोरना। भागवत पीठ श्री शुकदेव आश्रम में वीतराग स्वामी कल्याणदेव की पावन स्मृति में आयोजित भागवत कथा में कई प्रांतों के श्रद्धालु जुटे हैं। श्री डोंगरे भागवत भवन में कथा व्यास पंडित रुद्रदेव त्रिपाठी ने कहा कि व्यक्तित्व का निर्माण मनुष्य के विचारों, संस्कारों और आचरण से होता है। जो प्रेम से जीते हैं, हृदय से जीते हैं, जिंदगी उन्हीं की है। जिनकी जिंदगी है, उन्हीं का परमात्मा है। इंसान के व्यक्तित्व का निर्माण रंग और भौतिक सुखों से नहीं होता। सद्कर्म जीवन को मोक्षगामी बनाते हैं। स्वामी कल्याणदेव ने गरीबों, अनाथों, दीन दुखियों की सेवा को जीवन का ध्येय बनाया। मन, वाणी और कर्म से परमार्थ में जीवन समर्पित किया। जीवन का उद्देश्य आत्म कल्याण से बढ़कर पर कल्याण के लिए होना चाहिए। भागवत कथा जीवन के उद्देश्यों की प्राप्ति कराती है। यज्ञमान ओझा परिवार ने विधि विधान से पूजन किया। रामजस, बद्रीलाल, जय गोपाल आदि मौजूद रहे।