देवबंद (सहारनपुर)। श्रीश्री रविशंकर के साथ अयोध्या विवाद में समझौते की कोशिश करने वाले और ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड से निकाले गए दारुल उलूम नदवातुल उलमा विश्वविद्यालय के प्रोफेसर मौलाना सलमान नदवी के अयोध्या के हवाले से विवादित बयान कि इस्लामी शरीयत मस्जिद शिफ्ट करने की इजाजत देती है पर उलमा ने सख्त नाराजगी जताई है। उलमा का कहना है कि नदवी न तो कोई शरई आदमी हैं और न ही संवैधानिक पद पर बैठे हुए हैं इसलिए उन्हें इस तरह की राय रखने का कोई हक नहीं है। मजलिस इत्तेहाद-ए-मिल्लत के प्रदेशाध्यक्ष मुफ्ती अहमद गौड़ ने कहा कि मौलाना सलमान नदवी शरीयत के किस जिम्मेदार पद पर बैठे हैं जिससे यह साबित हो सके कि एक व्यक्ति को यह अधिकार हो सके कि मस्जिद को शिफ्ट किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड को पूरी कौम ने जिम्मेदारी दी हुई है कि वो पर्सनल लॉ में बदलाव करके फैसला ले और जब भी कानून को किसी बात की जरुरत पड़े तो वह अदालत में मजबूती के साथ अपना पक्ष रखें।