जानसठ। गांव जड़वड़ में ब्रह्म सिंह आर्य के आवास पर दो दिवसीय आर्य समाज सम्मेलन का आयोजन हुआ। भजन उपदेशक राजवीर शास्त्री ने धर्म के प्रति लोगों को जागरूक किया। आचार्या सुलभा शास्त्री ने कहा कि आज भारतीय संस्कृति को बचाने के लिए हर माता पिता को अपने बच्चों को सदाचरण का पाठ पढ़ाना चाहिए। सत्य और ईमानदारी, आज्ञा, पालन, चरित्र, सेवा और देशभक्ति के सब गुणों से युक्त करें। परिवार में प्रतिदिन यज्ञ करना चाहिए, ताकि हमारी आने वाली भावी पीढ़ी को भारतीय संस्कृति के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी मिल सके। कंवरपाल शास्त्री ने कहा कि वैदिक संस्कृति जीवन का मूल आधार है। महर्षि दयानंद की प्रेरणा से ही शहीद भगत सिंह, राम प्रसाद बिस्मिल, लाला लाजपत राय, स्वामी श्रद्धानंद, सुखदेव जैसे महान क्रांतिकारियों ने स्वतंत्रता संग्राम में अपने प्राणों की आहुति दी है। उन्होंने समाज में फैली कुरीतियों के बारे में भी बताकर लोगों को जागरूक किया और ईश्वर भजन में ही जीवन का सुख बताया। यजमान परविंदर कुमार रहे। इस अवसर पर साहब सिंह आर्य, मानसिंह, ओमकार आर्य, होशराम, ऋषिपाल, ओम सिंह, सुधीर कुमार, मेहर चंद, यशपाल, विश्वास, नरेश आदि उपस्थित रहे।