मुजफ्फरनगर। सहकारिता की राजनीति में चार दशक तक सक्रिय रहे ठाकुर वीरेंद्र सिंह का शाहबुद्दीनपुर में अंतिम संस्कार किया गया। उन्होंने जिला सहकारी बैंक और डीसीडीएफ में संचालक का लंबे समय तक दायिक्त निभाया। साथ ही साधन सहकारी समिति पश्चिम में कई बार चेयरमैन बने। जिले की सहकारिता में ठाकुर वीरेंद्र सिंह की विशिष्ट पहचान थी। बीते 40 साल से सहकारिता में सक्रिय सिंह के आकस्मिक निधन से समर्थकों में मायूसी छा गई है। सबसे पहले वह साधन सहकारी समिति पश्चिमी के चेयरमैन बने। फिर जिला सहकारी बैंक में डायरेक्टर चुने गए। पत्नी मछला देवी भी बैंक की डायरेक्टर रही है। डीसीडीएफ के संचालक पद का भी दायित्व निभाया। सूबे के पूर्व सहकारिता राज्य मंत्री दीपक कुमार ने बताया कि सहकारिता के विकास और किसान हितों के कार्यों में उनका योगदान रहा। जिला सहकारी बैंक के पूर्व संचालक विनोद जैन ने कहा कि उनके सहयोग से जनपद में सहकारिता की उन्नति हुई। देर शाम शहर से सटे पैतृक गांव शाहबुद्दीनपुर में उनकी अंतिम यात्रा में राजनैतिक दलों, सहकारी समितियों के पदाधिकारी, सामाजिक संगठनों से जुड़े लोगों ने भाग लिया।