महादेव ने विषपान कर सृष्टि की रक्षा की
बुढ़ाना। भागवत कथा के तीसरे दिन शुकदेव आश्रम शुकतीर्थ से पधारे आचार्य सुमन कृष्ण शास्त्री ने कहा कि कैलाश पर्वत पर रहकर संसार का कल्याण करने वाले भगवान रुद्र ही हैं। शास्त्री जी ने कहा कि हमारे पुराणों के अनुसार देवशयनी एकादशी से लेकर देव प्रबोधिनी एकादशी तक भगवान नारायण योग निद्रा मे चले जातें है। भोलेनाथ ही संपूर्ण जगत का संचालन करते हैं। श्रावण मास भगवान भोले का प्रिय है। उन्होंने कहा कि जब देवताओं ने अमृत प्राप्त के उद्देश्य से समुंद्र मंथन किया, तो समुद्र से सबसे पहले विष निकला था। भगवान शिव पर विष का कोई प्रभाव न हो इसलिए शिव को श्रावण प्रिय है।