‘युवा ही समाज व देश का भविष्य’
खतौली। अलविदा जुमे की नमाज से पूर्व मौलाना फरहान कासमी ने कहा कि युवा समाज और देश का भविष्य हैं। जिस समाज का युवा बिगड़ जाए तो वह समाज गर्त की ओर चला जाता है। जामा मस्जिद शेखुपुरा के पेश इमाम मौलाना फरहान कासमी ने माह रमजान की बरकतों तथा तरावीह में सुने जाने वाले कुरान के बारे में बताया कि कुरान सुनने वाले को अल्लाह हर शब्द पर दस नेकी अता फरमाता है। उन्होंने कहा कि दुनियावी तालीम के साथ दीनी तालीम भी जरूरी है। आज के युग में युवा पश्चिमी सभ्यता की ओर जा रहा है। वह अपने संस्कार भूलता जा रहा है। हमें जरूरत है कि युवाओं को इस नरकीय संस्कृति से निकालकर समाज और देश की संस्कृति से जोड़े तभी समाज और देश खुशहाल रह सकता है। जिस कौम के युवा अपनी संस्कृति और सभ्यता भूल जाते हैं। वह कौम गर्त की ओर चली जाती है। नगर तथा ग्रामीण क्षेत्र में अलविदा जुमे की नमाज शांतिपूर्वक संपन्न हुई। नमाज के बाद रोजेदारों ने कौम और मुल्क की तरक्की के लिए दुआएं की। मरकजी मस्जिद अकबर खां में मुफ्ती उस्मान ने जुमे की नमाज अदा कराई। नगर पालिका की ओर से मस्जिदों के आसपास सफाई करा कर चूने का छिड़काव कराया गया।