मुजफ्फरनगर। अदालत ने जुगाड़ चालक की हत्या के मामले में तीन अभियुक्तों को दोषी करार दिया है। तीनों को जेल भेज दिया गया। सजा पर सुनवाई शनिवार को होगी। अभियोजन पक्ष के अनुसार शामली जिले के गढ़ीपुख्ता थाने पर 19 फरवरी 2010 को गांव बुंटा निवासी गुलजार ने अपने बेटे हसन की हत्या में फुरकान, गुलफाम पुत्रगण कुरबान निवासी बुंटा और तवज्जुल पुत्र जमशेद निवासी नंगला रियावली के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया था। बताया था कि उसका बेटा हसन जुगाड़ चलाता था। आरोपी फुरकान ने एक मुकदमे में जमानत कराने के लिए उसके बेटे हसन से 25 हजार रुपये मांगे थे, मगर हसन ने इंकार कर दिया था। इसी को लेकर आरोपी उनके बेटे से रंजिश रखते थे। 16 फरवरी को आरोपी उसके बेटे हसन का जुगाड़ भनवाड़ा गांव के लिए बुक करके ले गए थे। हसन के साथ में उसका भाई साबिर भी गया था। रास्ते में आरोपियों ने हसन की गला दबा कर हत्या कर दी थी। साबिर जान बचा कर भाग आया था। 19 फरवरी को पुलिस ने हसन की लाश चंदपुरा के जंगल से बरामद की थी। तवज्जुल के कब्जे से उसका जुगाड़ बरामद किया था। इस मुकदमे की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या-1 में एडीजे पूनम राजपूत की अदालत में हुई। एडीजीसी रीतू चौधरी ने कोर्ट में सात गवाह पेश किए। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनते हुए शुक्रवार को तीनों आरोपियों को लूट और हत्या में दोषी करार देते हुए जेल भेज दिया। सजा पर सुनवाई शनिवार यानि आज होगी।