मुजफ्फरनगर। नगर के नवीन भारती शिशु उपवन इंटर कालेज प्रेमपुरी में चल रही श्रीराम कथा में कथावाचक स्वामी प्रणव पुरी महाराज ने श्रोताओं को भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह का प्रसंग सुनाया। कथावाचक ने कहा कि नारद मुनि महाराज की प्रेरणा से माता पार्वती ने भगवान शिव को प्राप्त करने के लिए कठोर तपस्या की। नारदजी जीव आत्मा को परमात्मा से मिलाने का कार्य करते हैं। पार्वती जी की कठोर तपस्या की परीक्षा लेने भगवान शिव ने सप्त ऋषियों को भेजा परंतु वह भी माता पार्वती को अपने उद्देश्य से नहीं डिगा सके। भगवान श्री राम और महादेव का एक दूसरे से सेवक, स्वामी व सखा का संबंध है। भगवान शिव की बारात में उनके भक्तगण शामिल हुए। कथा में ब्रहमस्वरुप सिंघल, अंकित कुमार, हरि प्रकाश गुप्ता, बसंत, रेखा, मंजू, विनोद कुमार आदि उपस्थित रहे।