हमेशा दूसरों से प्रेम से बोलिए : महाराज
मोरना। शुकतीर्थ स्थित पंजाबी धर्मशाला में आयोजित श्रीमद्भागवत सप्ताह कथा ज्ञान यज्ञ के पांचवें दिन कथा आचार्य गौरव कृष्ण गोस्वामी महाराज ने कहा कि मानव योनि में जन्म लेने मात्र से जीव को मानवता प्राप्त नहीं होती है। यदि मनुष्य योनि में जन्म लेने के बाद भी उसमें स्वार्थ की भावना भरी हुई है, तो वह मानव होते हुए भी राक्षसी प्रवृत्ति के पायदान पर खड़ा रहता है। हम जीवन में वस्तुओं से प्रेम करते हैं और मनुष्यों का उपयोग करते हैं। ठीक तो यह है कि हम वस्तुओं का उपयोग करें और मनुष्यों से प्रेम करें। इसलिए हमेशा प्रेम की भाषा बोलिए। इसके अलावा बुधवार को गिरिराज पूजन, छप्पन भोग महोत्सव धूमधाम से मनाया गया। आज बृहस्पतिवार को रुक्मिणी विवाह महोत्सव का आयोजन हर्षोल्लास के साथ किया जाएगा।