भगवान महावीर का संदेश आज भी प्रासंगिक
जानसठ। डीएवी इंटर कॉलेज में भगवान महावीर स्वामी का जन्मदिवस बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। प्रधानाचार्य समुद्र सेन ने उनके जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि भगवान महावीर जैन धर्म के चौबीसवें तीर्थंकर हैं। भगवान महावीर का जन्म करीब ढाई हजार साल पहले वैशाली के गणतंत्र राज्य क्षत्रिय कुंडलपुर में हुआ था। तीस वर्ष की आयु में महावीर ने संसार से विरक्त होकर राज वैभव त्याग कर संन्यास ले लिया था। उन्होंने मनुष्य को जीव हत्या व गरीब लोगों का उत्पीड़न नहीं करने का उपदेश दिया। इस अवसर पर अध्यापकों व छात्रों ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर उनके बताए रास्ते पर चलने का आह्वान किया। इस दौरान उपप्रधानाचार्य संजय कुमार पंत, योगेश कुमार, देवदत्त, राजू भैय्या वाल्मीकि, शिव कुमार, हरी प्रेम, बृजेश कुमार, हिमांशु कुमार, अशोक कुमार, प्यारे लाल सैनी आदि उपस्थित रहे।