मुजफ्फरनगर। शामली बस स्टैंड स्थित सत्संग भवन में श्रीमद्भागवत कथा के मुख्य यजमान विजय गर्ग सपत्नीक रहे। सत्संग भवन के मंत्री श्यामलाल बंसल ने भगत उपासना की। इसके बाद कथा व्यास वेदप्रकाश शुक्ल ने कथा सुनाते हुए कहा कि श्रीमद्भागवत कथा के श्रवण को भगवान कृष्ण ने अपनी प्राप्ति का सर्वोत्तम साधन बताया है। यह पुराण संसार सागर से प्राणी मात्र के पार होने के लिए सुदृढ़ नाव है। आचार्य ने कहा कि मनुष्य को कुछ नहीं करना है, केवल परमात्मा श्रीकृष्ण को देखना है, उनकी कथा का श्रवण करना है तथा उनके नाम का संकीर्तन करना है। परमात्मा का ही चिंतन, दर्शन और मनन भजन करना है। कथा सुनने वाले में दास भावना होनी चाहिए। भागवत कथा हमें सामान्य नहीं बल्कि परम धर्म की शिक्षा देती है, जिसका अर्थ है सर्वेश्वर परमात्मा श्रीकृष्ण को जानना। कथा के आयोजन में संजय, प्रवीण अरोड़ा, ईश्वर दयाल, शिवकुमार सिंघल, हरिरतन शर्मा आदि मौजूद रहे। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष ताराचंद वर्मा, गांधीवादी होतीलाल शर्मा ने स्वस्तिवाचन तथा मंगलाचरण किया।